रायपुर। छत्तीसगढ़ अब इलेक्ट्रॉनिक्स टेस्टिंग और प्रोटोटाइपिंग के लिए बेंगलुरु या नोएडा जैसे शहरों पर निर्भर नहीं रहेगा। भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने नवा रायपुर में कॉमन फैसिलिटी सेंटर (CFC) की स्थापना को मंजूरी दे दी है, जो राज्य के लिए तकनीक की दुनिया में एक बड़ा मोड़ साबित होगा।
108 करोड़ की परियोजना, केंद्र और राज्य का साझा निवेश
CFC सेंटर नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर-22 में 3.23 एकड़ भूमि पर बनेगा। इस परियोजना पर कुल 108.43 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसमें से 75 करोड़ रुपये केंद्र सरकार की EMC 2.0 योजना से मिलेंगे और बाकी 33.43 करोड़ रुपये राज्य सरकार वहन करेगी। भूमि नवा रायपुर विकास प्राधिकरण (NRANVP) द्वारा दी जा रही है।
हाईटेक सुविधाएं एक ही छत के नीचे
यह सेंटर छोटे और मझोले इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माताओं के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगा। यहां प्रिंटेड सर्किट बोर्ड (PCB) प्रोटोटाइपिंग, 3D प्रिंटिंग, इलेक्ट्रोमैग्नेटिक कंपैटिबिलिटी (EMC) टेस्टिंग और वुड वर्कशॉप जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। एलईडी, सोलर चार्ज कंट्रोलर, इलेक्ट्रिक व्हीकल पार्ट्स, माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स, SCADA पैनल जैसी इकाइयां यहां विश्वस्तरीय संसाधनों का उपयोग कर सकेंगी।
छोटे उद्योगों और स्टार्टअप्स को मिलेगा संबल
मान लीजिए कोई छोटा स्टार्टअप सोलर चार्ज कंट्रोलर बना रहा है। बड़े पैमाने पर उत्पादन से पहले वह CFC में जाकर प्रोटोटाइप टेस्ट कर सकेगा। एक इलेक्ट्रिक व्हीकल कंपनी EMC टेस्टिंग के जरिए यह सुनिश्चित कर पाएगी कि उसके बनाए उपकरण आपस में तकनीकी रूप से सामंजस्य रखते हैं। PCB प्रोटोटाइपिंग से नए डिजाइन का जल्दी परीक्षण कर सकेंगे, जिससे बाजार में आने की प्रक्रिया तेज होगी।
रोजगार और निवेश को मिलेगा बढ़ावा
यह सेंटर न केवल नई तकनीक को बढ़ावा देगा बल्कि राज्य में निवेश और रोजगार को भी रफ्तार देगा। मुख्यमंत्री ने इस योजना को टेक्नोलॉजी क्रांति की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि बताया और कहा कि छत्तीसगढ़ अब इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का पावरहाउस बनेगा।
मुख्यमंत्री और मंत्री की पहल से मिली मंजूरी
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की दूरदर्शिता और आवास व पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी के मार्गदर्शन में यह योजना तैयार की गई है। इससे इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री, स्टार्टअप्स और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही यह परियोजना छत्तीसगढ़ की उद्योग नीति के तहत निवेशकों को आकर्षक सुविधाएं भी देगी। चौधरी ने कहा कि इससे स्थानीय युवाओं, स्टार्टअप्स और उद्यमियों को बड़े शहरों जैसी सुविधाएं मिलेंगी, जिससे राज्य का तकनीकी आधार और मजबूत होगा। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में यह पहल डिजिटल छत्तीसगढ़ को नई ऊंचाई पर ले जाएगी













