‘कोहरा’ पुस्तक के विमोचन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा- पहचान छिपाकर रिश्ते बनाने वालों से रहें सतर्क
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ‘लव जिहाद’ को लेकर चिंता जताते हुए महिलाओं और युवतियों को ऐसे मामलों के प्रति जागरूक और सतर्क रहने की जरूरत बताई है। रायपुर के महंत घासीदास संग्रहालय में आयोजित पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि पहचान छिपाकर महिलाओं और युवतियों को रिश्तों के जाल में फंसाने की घटनाएं चिंता का विषय हैं। उन्होंने इसे देश पर एक दाग बताते हुए ऐसी परिस्थितियों से बचाव के लिए जागरूकता को जरूरी बताया।
मुख्यमंत्री साय रविवार को युवा साहित्यकार करुणा सागर पांडा की पुस्तक ‘कोहरा’ के विमोचन समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि साहित्य समाज को आईना दिखाने के साथ उसे जागरूक करने और सही दिशा देने का प्रभावी माध्यम भी है। ‘कोहरा’ महिलाओं और युवतियों को ऐसे मामलों के प्रति सचेत करने में उपयोगी साबित हो सकती है।
पहचान छिपाकर रिश्ते बनाने का आरोप
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ मामलों में लोग अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर या नाम बदलकर महिलाओं और युवतियों को प्रेम संबंधों के जरिए अपने विश्वास में लेते हैं। जब मामला गंभीर स्थिति तक पहुंच जाता है, तब पीछे लौटना मुश्किल हो जाता है और इसका असर पीड़ितों के जीवन पर पड़ता है।
उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए महिलाओं और बेटियों को शुरुआत से ही सावधान रहने तथा किसी भी संदिग्ध परिस्थिति में सतर्कता बरतने की जरूरत है।
‘कोहरा’ बनेगी जागरूकता की रोशनी
सीएम साय ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि ‘कोहरा’ महिलाओं और युवतियों के लिए मार्गदर्शक की भूमिका निभाएगी। उन्होंने पुस्तक के संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के प्रयास करने की बात भी कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किताब के माध्यम से समाज में जागरूकता बढ़े और महिलाएं ऐसे मामलों में अपने निर्णय अधिक सजगता से ले सकें, यह जरूरी है। उन्होंने पुस्तक को व्यापक स्तर पर पाठकों तक पहुंचाने के लिए सहयोग का भरोसा भी जताया।
जागरूकता और सतर्कता पर जोर
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं और युवतियों तक सही जानकारी पहुंचाना जरूरी है, ताकि वे किसी भी तरह के छल या गलत पहचान के आधार पर बनाए गए संबंधों को लेकर सतर्क रह सकें। उन्होंने समाज के बड़े वर्ग तक ‘कोहरा’ का संदेश पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
पुस्तक विमोचन कार्यक्रम रायपुर स्थित महंत घासीदास संग्रहालय सभागार में आयोजित किया गया था। इस दौरान मुख्यमंत्री ने साहित्य को सामाजिक जागरूकता का प्रभावी माध्यम बताते हुए पुस्तक के संदेश को व्यापक स्तर पर पहुंचाने की बात कही।














