सामुदायिक पुलिसिंग पर आधारित बहुउद्देशीय कार्यक्रम चेतना के चौथे चरण का बिलासपुर में बुधवार को उद्घाटन हुआ। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने कहा कि युवा देश की धरोहर हैं और उनमें अपार शक्ति है, जिसे नशे जैसे दुर्गुणों से बचाना आवश्यक है।

चेतना कार्यक्रम का पहला चरण जून 2024 में यातायात पर केंद्रित था, दूसरा साइबर फ्रॉड पर, और तीसरा महिला व बच्चों पर होने वाले अपराधों पर आधारित था। अब चौथे चरण में अवैध नशे के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी, जिसमें नशे के सौदागरों पर शिकंजा कसा जाएगा। शैक्षणिक संस्थानों के आसपास गुटखा, बीड़ी, सिगरेट जैसे नशीले पदार्थों की बिक्री पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। सिंह ने कहा कि नशा अपराधों की जड़ है, और इसे जड़ से समाप्त करना जरूरी है, जिसके लिए समाज का सहयोग आवश्यक है। कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक संगठन, एनजीओ और संस्थाएं सक्रिय रूप से भाग ले रही हैं।

इस मौके पर नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने के लिए चूज लाइफ नॉट ड्रग्स नामक लघु फिल्म का पोस्टर भी लॉन्च किया गया, जिसे रामानंद तिवारी ने तैयार किया है।

कार्यक्रम में यातायात के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीरज चंद्राकर, उमेश कश्यप, अर्चना झा, गरिमा द्विवेदी समेत कई पुलिस अधिकारी और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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