बिलासपुर। अचानकमार टाइगर रिजर्व (एटीआर) के कोर एरिया में सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर चूक सामने आई है। तीन युवक जमुनाही बैरियर से हथियार लेकर जंगल के भीतर दाखिल हुए और अंधेरे में फायरिंग करते हुए वीडियो बना डाली। हैरानी की बात यह रही कि इस पूरी घटना की भनक न तो वन विभाग के अधिकारियों को लगी और न ही मौके पर तैनात मैदानी अमले को। मामला तब उजागर हुआ, जब युवकों ने खुद वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।

वायरल वीडियो से खुली पोल, तुरंत कार्रवाई

वीडियो सामने आते ही एटीआर प्रबंधन हरकत में आया और पुलिस के सहयोग से आरोपियों को उनके घरों से गिरफ्तार कर लिया गया। पकड़े गए युवकों में अजीत वैष्णव (26 वर्ष), अनिकेत (27 वर्ष) और विक्रांत वैष्णव (36 वर्ष) शामिल हैं। पुलिस और वन विभाग ने आरोपियों की कार जब्त की, जिसमें से दो हथियार बरामद किए गए हैं। वायरल वीडियो में एक दृश्य में दो युवक कार के सामने राइफल लेकर खड़े नजर आते हैं, जबकि दूसरे दृश्य में तीनों अंधेरे में हवा में फायरिंग करते दिख रहे हैं।

एयर गन या असली राइफल? जांच में खुलासा होगा

जब्त हथियारों को लेकर मतभेद भी सामने आए हैं। विभाग का कहना है कि बरामद हथियार एयर गन हैं, जबकि वायरल वीडियो में फायरिंग के दौरान राइफल के मुहाने से धुंआ निकलता दिखाई दे रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार एयर गन से धुंआ नहीं निकलता। ऐसे में हथियारों की प्रकृति को लेकर जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

लापरवाही पर गार्ड हटाए गए, रेंज अफसर को नोटिस

जानकारी के मुताबिक युवक शाम करीब 4 बजे जमुनाही बैरियर से रिजर्व में दाखिल हुए और 7 बजे तक तीन–चार गांवों से लगे जंगल क्षेत्र में घूमते रहे। इस गंभीर लापरवाही पर एटीआर के डिप्टी डायरेक्टर यू.आर. गणेश ने बैरियर पर तैनात गार्ड को तत्काल हटा दिया है। साथ ही सुरही रेंज के रेंज अफसर पल्लव नायक को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है।

पर्यटकों की सुरक्षा पर उठे सवाल

नए साल की शुरुआत के साथ ही अचानकमार टाइगर रिजर्व में बड़ी संख्या में सैलानी पहुंच रहे हैं। ऐसे समय में कोर एरिया में अवैध प्रवेश और फायरिंग की घटना सामने आना न केवल वन्यजीवों की सुरक्षा पर सवाल खड़े करता है, बल्कि पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ाता है।

न्यायालय में पेश कर जेल भेजा गया

वन विभाग ने पुलिस के सहयोग से तीनों आरोपियों के खिलाफ वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम, 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया। आरोपियों को मुंगेली न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। विभाग का कहना है कि मामले की जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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