270 से अधिक व्यवसायी हुए शामिल, कलेक्टर के जरिए प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
बिलासपुर। सोने की शुद्धता, आकर्षक ऑफरों में पारदर्शिता और स्थानीय सराफा कारोबारियों व कारीगरों के हितों को लेकर गुरुवार को बिलासपुर के सराफा कारोबारियों ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया। राज्यव्यापी आह्वान पर शहर और ग्रामीण क्षेत्र की सराफा दुकानें दोपहर 2 बजे तक बंद रहीं।
छत्तीसगढ़ बुलियन एसोसिएशन के नेतृत्व में दोपहर 12:30 बजे सदर बाजार से बड़ी रैली निकाली गई। इसमें करीब 270 कारोबारी शामिल हुए। कारोबारी हाथों में पोस्टर और बैनर लेकर नारे लगाते हुए कलेक्टोरेट पहुंचे। वहां कलेक्टर के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष कमल सोनी ने कहा कि आंदोलन किसी व्यक्ति या ब्रांड के खिलाफ नहीं है। मांग सोने की शुद्धता की निष्पक्ष जांच, पारदर्शी व्यवस्था और सभी कारोबारियों के लिए समान नियम लागू करने की है। उन्होंने कहा कि ग्राहकों को सोने की गुणवत्ता और कीमत से जुड़ी पूरी जानकारी मिलनी चाहिए तथा पारंपरिक सराफा कारोबारियों और कारीगरों को संरक्षण मिलना चाहिए।
महासचिव श्रीकांत पांडे ने कहा कि सराफा कारोबार केवल खरीद-बिक्री नहीं, बल्कि पीढ़ियों से चले आ रहे भरोसे का व्यवसाय है। आकर्षक ऑफरों और बड़े दावों के बीच ग्राहक को सही और स्पष्ट जानकारी मिलना जरूरी है। एसोसिएशन ने सभी आभूषण प्रतिष्ठानों के लिए समान बिलिंग नियम और निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा की मांग की।
ज्ञापन में स्वतंत्र गोल्ड टेस्टिंग, HUID और हॉलमार्क व्यवस्था की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने, जांच मशीनों की नियमित जांच व कैलिब्रेशन, भ्रामक विज्ञापनों पर रोक तथा भारतीय स्वर्ण कारीगरी के संरक्षण के लिए Indian Gold Artistry Board या Goldsmiths Welfare Board बनाने की मांग भी शामिल है।
कोषाध्यक्ष रौनक साव ने कहा कि आंदोलन में कारोबारियों के साथ उनके परिवारों और युवाओं की भागीदारी महत्वपूर्ण रही। उन्होंने कहा कि यह केवल व्यापार का मुद्दा नहीं, बल्कि उपभोक्ता विश्वास, पारदर्शिता और हजारों परिवारों की आजीविका से जुड़ा विषय है।
एसोसिएशन के अनुसार, यह अभियान 14 अगस्त को शहर के मालाबार शोरूम में HUID युक्त 22 कैरेट सोने के आभूषणों की जांच के दौरान सामने आई कथित अनियमितताओं के बाद तेज हुआ। संगठन ने इस मामले के संदर्भ में सोने की शुद्धता, HUID-हॉलमार्क व्यवस्था और जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष व्यवस्था की मांग की है।
छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों की सराफा इकाइयों ने भी कलेक्टरों के माध्यम से प्रधानमंत्री कार्यालय को ज्ञापन भेजे। एसोसिएशन ने स्थानीय कारोबार और भारतीय स्वर्ण कारीगरों के संरक्षण को ‘Vocal for Local’ और ‘Atmanirbhar Bharat’ की भावना से जोड़ते हुए सभी प्रतिष्ठानों के लिए समान और प्रभावी नियम लागू करने की मांग की।
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