कथित शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में धमतरी, रायपुर और दुर्ग में एक साथ तलाशी; कई ठिकानों से दस्तावेज खंगाले

रायपुर। छत्तीसगढ़ में कथित शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच एक बार फिर तेज हो गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कांग्रेस के पूर्व प्रदेश कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल और उनसे जुड़े लोगों के कई ठिकानों पर छापेमारी कर दस्तावेज और वित्तीय लेनदेन से संबंधित रिकॉर्ड खंगाले। कार्रवाई धमतरी, रायपुर और दुर्ग-भिलाई में एक साथ की गई।

धमतरी में ईडी की टीम ने रामगोपाल अग्रवाल के सिहावा रोड स्थित आवास पर गुरुवार सुबह करीब 7 बजे पहुंचकर तलाशी शुरू की। यहां करीब आठ सदस्यीय टीम ने घर के भीतर दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की जांच की। अग्रवाल फिलहाल जेल में बंद हैं।

रायपुर और दुर्ग में भी करीबियों के ठिकाने खंगाले

ईडी की कार्रवाई केवल रामगोपाल अग्रवाल के आवास तक सीमित नहीं रही। रायपुर के रविनगर इलाके में कारोबारी अनूप अग्रवाल के घर और कार्यालय समेत कई ठिकानों पर जांच की गई। अनूप अग्रवाल को रामगोपाल अग्रवाल का करीबी बताया जाता है। धमतरी में उनके भतीजे प्रतीक अग्रवाल के आवास पर भी कार्रवाई की जानकारी सामने आई है।

इसी क्रम में दुर्ग में रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े सजल जैन और विश्वास गुप्ता के ठिकानों पर भी ईडी ने दबिश दी। अधिकारियों ने वहां संपत्ति, कारोबारी लेनदेन और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की जांच की। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के लिए सीआरपीएफ के जवान भी तैनात किए गए थे।

शराब घोटाले की जांच से जुड़ी कार्रवाई

ईडी की यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ के कथित शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में चल रही जांच का हिस्सा है। एजेंसी का आरोप है कि वर्ष 2019 से 2022 के दौरान आबकारी व्यवस्था में कथित अनियमितताओं के जरिए सरकारी राजस्व को बड़ा नुकसान पहुंचाया गया। ईडी ने इस मामले में करीब 2,883 करोड़ रुपये के कथित नुकसान का उल्लेख किया है।

जांच एजेंसी के अनुसार, कथित अपराध से हासिल नकदी का एक बड़ा हिस्सा रामगोपाल अग्रवाल तक पहुंचाया गया था, जब वे छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कोषाध्यक्ष थे। हालांकि ये जांच एजेंसी के आरोप हैं और मामले में आरोपों का अंतिम न्यायिक निर्धारण होना बाकी है।

11 अगस्त को ईडी ने की थी गिरफ्तारी

रामगोपाल अग्रवाल को ईडी ने 11 अगस्त 2026 को PMLA के तहत गिरफ्तार किया था। उस समय वे पहले से ही रायपुर केंद्रीय जेल में विचाराधीन बंदी के रूप में निरुद्ध थे। गिरफ्तारी के बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया था और ईडी को पूछताछ के लिए हिरासत भी मिली थी।

ईडी की जांच शराब घोटाले के अलावा कथित कोयला लेवी और कस्टम मिलिंग से जुड़े मामलों तक भी पहुंची हुई है। एजेंसी इन मामलों में धन के प्रवाह, कथित अवैध वसूली और उससे जुड़े लोगों के बीच वित्तीय संबंधों की जांच कर रही है।

कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन

धमतरी में रामगोपाल अग्रवाल के आवास पर ईडी की कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ता धरने पर भी बैठे। पार्टी नेताओं ने केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे राजनीतिक कार्रवाई बताया। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने भी ईडी और अन्य केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई को लेकर सरकार पर निशाना साधा है।

हालांकि, ईडी की ओर से की जा रही तलाशी और जांच का उद्देश्य कथित मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े दस्तावेज और वित्तीय साक्ष्य जुटाना बताया जा रहा है। छापेमारी में क्या-क्या बरामद हुआ या किन दस्तावेजों को जब्त किया गया, इसकी विस्तृत आधिकारिक जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है।

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