सेवा संकल्प अभियान शुरू ; ‘आशीर्वाद का दीया’ गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज, मुख्यमंत्री साय ने लॉन्च किया ‘प्रोजेक्ट अक्षरा’

बिलासपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर पर छत्तीसगढ़ में ‘सेवा संकल्प अभियान’ की शुरुआत बड़े जनभागीदारी कार्यक्रम के साथ हुई। अभियान के तहत प्रदेशभर में ‘आशीर्वाद के दीये’ जलाए गए। राज्य में 1.50 करोड़ से अधिक दीप जलाने का दावा किया गया। राजधानी रायपुर में ही 25 लाख से अधिक दीप प्रज्वलित किए गए। आयोजन को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किए जाने की घोषणा भी की गई।

रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने निवास कार्यालय में दीप जलाकर कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद वे तेलीबांधा मरीन ड्राइव पहुंचे। रास्ते में छत्तीसगढ़ क्लब चौक, भगत सिंह चौक, घड़ी चौक, शारदा चौक, गौरव पथ और शंकर नगर तक सड़कों के दोनों ओर बड़ी संख्या में नागरिकों ने दीप जलाए। मुख्यमंत्री ने कई स्थानों पर रुककर नागरिकों के साथ दीप प्रज्वलित किए।

मुख्यमंत्री ने घड़ी चौक पर भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर, शारदा चौक पर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और भगत सिंह चौक पर शहीद भगत सिंह की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी।

सेवा, सुशासन और जनभागीदारी का संदेश

मरीन ड्राइव में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की सार्वजनिक जीवन की 25 वर्षों की यात्रा सेवा, सुशासन, गरीब कल्याण और राष्ट्र निर्माण से जुड़ी रही है। उनके अनुसार, ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ की भावना को जनभागीदारी के माध्यम से आगे बढ़ाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘आशीर्वाद का दीया’ केवल दीप जलाने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि सेवा और समाज के प्रति जिम्मेदारी का संकल्प है।

17 अक्टूबर तक चलेगा सेवा संकल्प अभियान

‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक प्रदेश में सेवा, स्वच्छता, स्वास्थ्य, पोषण, पर्यावरण संरक्षण और जनकल्याण से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रदेश के गांवों और शहरों में बड़ी संख्या में नागरिकों, महिलाओं, युवाओं, किसानों, श्रमिकों और सामाजिक संगठनों ने ‘आशीर्वाद के दीये’ जलाए।

स्क्रीन टाइम घटाने के लिए ‘प्रोजेक्ट अक्षरा’

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने रायपुर जिला प्रशासन की पहल ‘प्रोजेक्ट अक्षरा’ भी शुरू की। इसका उद्देश्य बच्चों और युवाओं को मोबाइल और अन्य स्क्रीन पर समय कम करने तथा पुस्तकों और पठन संस्कृति से जोड़ना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक जीवन का हिस्सा है, लेकिन पुस्तकों से जुड़ाव कल्पनाशक्ति, चिंतन और व्यक्तित्व विकास को समृद्ध करता है।

खारुन नदी के तट पर जले सवा लाख दीप

राजधानी रायपुर का महादेव घाट भी सवा लाख दीपों की ज्योति से जगमगा उठा। खारुन नदी के तट पर आयोजित विराट दीपोत्सव एवं महाआरती ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शामिल हुए और प्रदेशवासियों के साथ प्रधानमंत्री मोदी के उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु जीवन की कामना की। सवा लाख दीपों की एक साथ प्रज्वलित ज्योति से महादेव घाट का पूरा परिसर आलोकित हो उठा। श्रद्धा, आस्था और जनभागीदारी के बीच खारुन मैया की भव्य महाआरती की गई।

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