डलहौजी में मिले थे दो परिवार, बर्फ देखने साथ निकले; लौटते समय हिमाचल की खतरनाक सड़क पर हुआ भीषण हादसा
रायपुर/ चंबा। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे ने दो परिवारों को गहरे शोक में डुबो दिया है। सच पास से लौट रही एक टैक्सी 500 मीटर गहरी खाई में गिर गई, जिससे उसमें सवार सभी आठ लोगों की मौत हो गई। मृतकों में भिलाई मूल के एक दंपती और उनके दो बच्चे भी शामिल हैं।
हादसा चंबा जिले के जनजातीय क्षेत्र चुराह में बैरागढ़-सच पास-किलाड़ मार्ग पर स्थित कालाबन के खतरनाक मोड़ पर शुक्रवार देर रात हुआ। दुर्घटना इतनी भयावह थी कि वाहन सीधे गहरी खाई में जा गिरा और किसी को भी बचने का मौका नहीं मिला। हालांकि घटना शुक्रवार रात हुई, लेकिन इसकी जानकारी स्थानीय लोगों और प्रशासन को शनिवार को मिली।
हिमाचल प्रदेश के चंबा में बड़ा हादसा, गहरी खाई में कार गिरने से 8 लोगों की मौत pic.twitter.com/iDlyTb8V9E
— Vijay Chandra,siva (@Vijaychandra333) May 31, 2026
पुलिस के अनुसार टैक्सी डलहौजी से सच पास की ओर गई थी। इसमें बेंगलुरु से आए एक परिवार, भिलाई मूल के चंद्राकर परिवार और स्थानीय चालक ने एक साथ यात्रा शुरू की थी। बताया जा रहा है कि दोनों परिवारों की मुलाकात डलहौजी में हुई थी और उन्होंने बर्फ से ढके पहाड़ों का आनंद लेने के लिए एक ही टैक्सी साझा करने का फैसला किया था।
शुक्रवार को सच पास घूमने के बाद सभी लोग वापस बैरागढ़ की ओर लौट रहे थे। इसी दौरान कालाबन के एक तीखे हेयरपिन मोड़ पर चालक वाहन से नियंत्रण खो बैठा और टैक्सी सैकड़ों मीटर नीचे खाई में जा गिरी।
जब टैक्सी देर रात तक वापस नहीं लौटी तो वाहन मालिक को चिंता हुई। उसने जीपीएस के माध्यम से वाहन की लोकेशन ट्रैक की। लोकेशन लगातार एक ही स्थान पर स्थिर दिखाई देने पर पुलिस को सूचना दी गई। शनिवार को पुलिस और प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची तो खाई में वाहन और यात्रियों के शव मिले।
मृतकों में चालक विश्वास सलहोत्रा के अलावा अरविंद चंद्राकर, उनकी पत्नी प्राची चंद्राकर तथा उनके दो बेटे दर्श (8 वर्ष) और अक्षत (11 वर्ष) शामिल हैं। वहीं बेंगलुरु निवासी पी. जी. कार्तिगेयन, उनकी पत्नी मणिमाला और पुत्र नंदन की भी हादसे में जान चली गई।
जानकारी के अनुसार अरविंद चंद्राकर मूल रूप से भिलाई के मरोदा सेक्टर-सी के रहने वाले थे, लेकिन लंबे समय से बेंगलुरु में रहकर बैंकिंग क्षेत्र में कार्यरत थे। उनकी पत्नी भी नौकरी करती थीं। पूरा परिवार गर्मी की छुट्टियां मनाने हिमाचल प्रदेश गया था।
चंबा के पुलिस अधीक्षक विजय सकलानी ने बताया कि खाई अत्यंत गहरी और दुर्गम है। खराब मौसम, खड़ी ढलानों और मोबाइल नेटवर्क के अभाव के कारण राहत एवं शव निकालने का अभियान चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। रविवार को स्थानीय ग्रामीणों, पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने रस्सियों और मानव श्रृंखला की मदद से अभियान जारी रखा है। धीरे-धीरे सभी शवों को निकाला जा रहा है।
सूचना मिलने के बाद दुर्ग पुलिस ने परिजनों को घटना की जानकारी दी है और मृतकों के रिश्तेदार हिमाचल प्रदेश के लिए रवाना हो चुके हैं।














