कब्र से निकाले जा रहे शव; एफएसएल टीम जुटी जांच में

बलौदाबाजार-भाटापारा।  जिले के कसडोल क्षेत्र स्थित खरवे गांव में आठ लोगों की संदिग्ध मौतों ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि शराब में जहर मिलाए जाने के कारण यह दर्दनाक घटना हुई और शराब पीने के कुछ ही मिनटों के भीतर लोगों की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उनकी मौत हो गई। घटना के बाद गांव में भारी आक्रोश है और सैकड़ों ग्रामीण कार्रवाई की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर चुके हैं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने व्यापक जांच शुरू कर दी है। ग्रामीणों की शिकायत पर उन लोगों के शव भी कब्र से निकालकर दोबारा परीक्षण के लिए भेजे जा रहे हैं, जिनका अंतिम संस्कार पहले ही किया जा चुका था।

कब्र से निकाला गया पहला शव

शुक्रवार को पुलिस, प्रशासन और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम खरवे गांव पहुंची। पुलिस निगरानी में जेसीबी मशीन की मदद से एक कब्र की खुदाई कर शव बाहर निकाला गया। यह शव मैत्रु साहू का बताया गया है।

अधिकारियों के अनुसार शव को परीक्षण के लिए रायपुर भेजा गया है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आवश्यकता पड़ने पर अन्य शवों को भी कब्र से निकालकर परीक्षण कराया जा सकता है।

ग्रामीणों ने लगाया जहर मिलाने का आरोप

ग्रामीणों का कहना है कि गांव के ही एक व्यक्ति ने कथित रूप से शराब में जहरीला पदार्थ मिलाकर कई लोगों को पिलाया था। इसके बाद बद्री पटेल, बुटालू साहू, छत्तूराम साहू, बुडलू जायसवाल, विनोद साहू, गजानन मांझी, चैतू साहू और मैत्रु साहू की मौत हो गई।

ग्रामीणों के अनुसार सभी मृतकों की तबीयत शराब सेवन के बाद अचानक बिगड़ी थी और उनकी मौत लगभग एक जैसे हालात में हुई। इसी वजह से गांव में जहरीली शराब की आशंका को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

थाने का घेराव, निष्पक्ष जांच की मांग

घटना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण कसडोल थाना पहुंचे थे और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार व्यक्तियों को गिरफ्तार करने की मांग उठाई।

बढ़ते दबाव और शिकायतों के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है। एसडीओपी ने बताया कि ग्रामीणों की शिकायतों और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है।

एफएसएल रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज

फिलहाल पुलिस हर पहलू की जांच कर रही है। शराब में वास्तव में कोई जहरीला पदार्थ मिलाया गया था या नहीं, इसका खुलासा एफएसएल और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।

अधिकारियों का कहना है कि वैज्ञानिक जांच, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। रिपोर्ट मिलने के बाद मौतों के वास्तविक कारण और जिम्मेदार लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।

खरवे गांव की इस घटना ने पूरे क्षेत्र में दहशत और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे आठ मौतों के पीछे की सच्चाई सामने आने की उम्मीद है।

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