जगदलपुर फास्ट ट्रैक कोर्ट ने ₹15 हजार जुर्माना भी लगाया
जगदलपुर। बस्तर जिला मुख्यालय जगदलपुर की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने पुलिस सब-इंस्पेक्टर विकेश चौहान को दुष्कर्म और पहली पत्नी के जीवित रहते दूसरी शादी करने के मामले में कुल 15 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दुष्कर्म के मामले में 10 साल और दूसरी शादी के मामले में 5 साल की सजा के साथ कुल 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी।
फेसबुक के जरिए हुई थी पहचान
अभियोजन के अनुसार, सब-इंस्पेक्टर विकेश चौहान की पीड़िता से फेसबुक के माध्यम से पहचान हुई थी। आरोप है कि चौहान ने खुद को तलाकशुदा बताया और महिला से शादी करने का भरोसा दिलाया। इसके बाद वह उसे जगदलपुर लेकर आया और शादी का वादा कर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए।
बताया गया कि आरोपी ने महिला से मंदिर में विवाह भी किया। बाद में महिला को पता चला कि उसकी पहली पत्नी जीवित है और दोनों के बीच तलाक नहीं हुआ है। इसके बाद महिला ने मामले की शिकायत की।
अदालत ने अपराध को गंभीर माना
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी माना। फास्ट ट्रैक कोर्ट ने पुलिस अधिकारी के पद पर रहते हुए इस तरह का अपराध किए जाने को गंभीर, अनैतिक और घृणित कृत्य माना।
अदालत ने दुष्कर्म के लिए 10 वर्ष और पहली पत्नी के रहते दूसरी शादी करने के लिए 5 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। दोनों सजाएं साथ-साथ चलने के कारण प्रभावी कारावास की अवधि 10 वर्ष होगी। इसके अलावा आरोपी पर कुल 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।













