चार नाबालिग थे सवार; पुलिस ने वाहन जब्त कर आरोपियों को मुचलके को छोड़ा
बिलासपुर। शहर के पं. श्यामलाल चतुर्वेदी स्मार्ट रोड पर रविवार सुबह तेज रफ्तार कार ने एक एक्टिवा सवार छात्र की जान ले ली। कार पहले छात्र की स्कूटर से टकराई और फिर अनियंत्रित होकर सामने से आ रही एक स्कूल बस से जा भिड़ी। गंभीर रूप से घायल छात्र ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त कार जब्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
मृतक की पहचान मंगला स्थित अभिषेक विहार निवासी 17 वर्षीय रुद्र प्रताप शर्मा के रूप में हुई है। वह महार्षि स्कूल में कक्षा 11वीं का छात्र था। हादसे के बाद उसे पहले सिम्स अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए अपोलो अस्पताल रेफर किया गया। हालांकि सिर में गंभीर चोट लगने के कारण इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मी विजय शर्मा ने घायल छात्र को अस्पताल पहुंचाया। उनके अनुसार, सिर पर लगी गंभीर चोट उसके लिए जानलेवा साबित हुई।
पुलिस के अनुसार, हादसा उस समय हुआ जब रुद्र प्रताप शर्मा एक्टिवा से मंगला की ओर से आ रहा था। सामने से तेज गति से आ रही कार ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर के बाद कार का चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और कार सामने से आ रही एक स्कूल बस से भी टकरा गई। हादसे में एक्टिवा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कार में चालक समेत चार स्कूली छात्र सवार थे और सभी नाबालिग बताए जा रहे हैं। वाहन के पंजीयन नंबर के आधार पर पुलिस ने नाबालिग चालक को अभिरक्षा में ले लिया है। दुर्घटना में शामिल कार (क्रमांक सीजी 10 बीएच 7752) और स्कूल बस (क्रमांक सीजी 10 बीएन 8858) को पुलिस ने जब्त कर लिया है। आरोपी नाबालिग को हिरासत में लिया गया। उसे मुचलके पर छोड़ दिया गया। वाहन मालिक का नाम कंचन पांडेय बताया गया है। पुलिस के मुताबिक नाबालिग को वाहन देने के चलते कार मालिक पर भी कार्रवाई की जाएगी।
सिविल लाइन थाना प्रभारी किशोर केवट ने बताया कि प्रारंभिक जांच में कार नाबालिग छात्र द्वारा चलाए जाने की जानकारी मिली है। चालक और वाहन स्वामी की पहचान कर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, सिंधी कॉलोनी की ओर से कवरराम गेट की तरफ मुड़ने वाले इस हिस्से में तेज रफ्तार वाहनों के कारण पहले भी कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। लोगों ने यहां प्रभावी यातायात नियंत्रण और सुरक्षा उपाय किए जाने की मांग की है।














