‘छात्रों की गूंज’ अभियान के तहत बिलासपुर पहुंचे राज्यसभा सांसद बोले- परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता नहीं आई तो युवाओं का भरोसा टूट जाएगा
बिलासपुर। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने रविवार को बिलासपुर में आयोजित प्रेसवार्ता में देशभर में हो रहे पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि करोड़ों युवाओं का भविष्य दांव पर लगा है और नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए।
‘छात्रों की गूंज’ अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में प्रतापगढ़ी ने कहा कि पिछले एक दशक में देशभर में पेपर लीक की अनेक घटनाएं सामने आई हैं, जिनसे करोड़ों अभ्यर्थियों की मेहनत प्रभावित हुई है। उन्होंने दावा किया कि इन घटनाओं के कारण युवाओं का परीक्षा प्रणाली से भरोसा कमजोर हुआ है। उनके अनुसार, यह केवल परीक्षा में गड़बड़ी का मामला नहीं, बल्कि युवाओं के सपनों और भविष्य पर सीधा प्रहार है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि छात्रों के अधिकार और न्याय की मांग को लेकर उठा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार रोजगार, भर्ती और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मूल सवालों का जवाब देने से बच रही है।
इमरान प्रतापगढ़ी ने बताया कि कांग्रेस का ‘छात्रों की गूंज’ अभियान 40 दिनों तक देश के 28 प्रमुख शहरों में चलाया जाएगा। इस दौरान प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र, कोचिंग संस्थानों से जुड़े युवा और शिक्षा क्षेत्र के विभिन्न पक्षों से संवाद कर उनके सुझाव और समस्याएं जुटाई जाएंगी।
उन्होंने कहा कि यह अभियान कांग्रेस नेता राहुल गांधी के निर्देश पर शुरू किया गया है। अभियान के दौरान छात्रों से प्राप्त सुझावों और शिकायतों को राहुल गांधी संसद में उठाएंगे। उन्होंने बताया कि इस अभियान की शुरुआत राजस्थान के कोटा से की गई थी।
प्रेसवार्ता में प्रतापगढ़ी ने कहा कि पेपर लीक के मामलों में केवल छोटे स्तर के लोगों की गिरफ्तारी पर्याप्त नहीं है। उन्होंने मांग की कि पूरे नेटवर्क की निष्पक्ष जांच हो और पर्दे के पीछे बैठे प्रभावशाली लोगों की भूमिका भी सामने लाई जाए। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और जवाबदेही तय किए बिना समस्या का समाधान संभव नहीं है।
उन्होंने परीक्षा और मूल्यांकन प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बनाने पर जोर देते हुए कहा कि यदि समय रहते सुधार नहीं किए गए तो छात्रों का विश्वास और अधिक कमजोर होगा। कांग्रेस इस मुद्दे को देशभर में सड़क से लेकर संसद तक उठाती रहेगी।
प्रेसवार्ता में मौजूद कांग्रेस नेताओं ने भी चेतावनी दी कि यदि सरकार पेपर लीक रोकने के लिए प्रभावी कानून नहीं लाती, परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी नहीं बनाती और दोषियों पर कठोर कार्रवाई नहीं करती, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को और मुखर किया जाएगा।














