दो माह में पूरा होने का था दावा, यात्रियों को अब भी पेड़ के नीचे इंतजार करने की मजबूरी

बिलासपुर। बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट के बाहर बन रहे सार्वजनिक सुविधा भवन का निर्माण कार्य महीनों से ठप पड़ा है। इसे लेकर हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने जिला प्रशासन और निर्माण एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए शिकायत दर्ज कराई है। समिति का कहना है कि जिस भवन को दो माह में तैयार करने का वादा किया गया था, वह छह महीने बाद भी अधूरा पड़ा है।

समिति ने अधूरे भवन की तस्वीर जारी करते हुए बताया कि फिलहाल केवल ढांचा तैयार हुआ है। भवन की छत तक नहीं डाली गई है, जबकि विद्युत व्यवस्था, प्लास्टर, फर्श, रंगाई-पुताई और अन्य अंतिम कार्य भी शुरू नहीं हो सके हैं। निर्माण की मौजूदा रफ्तार को देखते हुए भवन के वर्ष 2026 तक भी उपयोग के लिए तैयार होने की संभावना बेहद कम दिखाई दे रही है।

यात्रियों को नहीं मिल रही बुनियादी सुविधा

समिति ने कहा कि जांजगीर-चांपा, कोरबा, मुंगेली, पेंड्रा और आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में यात्री बिलासपुर एयरपोर्ट पहुंचते हैं। उड़ान से पहले समय से आने वाले यात्रियों के पास बैठने की समुचित व्यवस्था नहीं है और उन्हें पीपल के पेड़ के नीचे इंतजार करना पड़ता है। वहीं यात्रियों को लेने आने वाले लोगों को भी परिसर में कोई सार्वजनिक सुविधा उपलब्ध नहीं होने से परेशानी उठानी पड़ती है।

समिति का कहना है कि इन्हीं समस्याओं को दूर करने के लिए सार्वजनिक सुविधा भवन का निर्माण कराया जा रहा है, लेकिन अनावश्यक देरी के कारण इसका लाभ लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा है।

सीएसआर फंड से हो रहा निर्माण, निगरानी पर उठे सवाल

समिति के अनुसार यह परियोजना गोयल टीएमटी के कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) फंड से बनाई जा रही है। निर्माण कार्य की जिम्मेदारी निजी कंपनी की है, जबकि इसकी निगरानी जिला प्रशासन को करनी है। समिति ने आरोप लगाया कि छह महीने बाद भी कार्य अधूरा रहने से निगरानी व्यवस्था की गंभीरता पर प्रश्नचिह्न लग गया है।

धरना लगातार जारी

हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति का एयरपोर्ट सुविधाओं की मांग को लेकर चल रहा विशाल धरना सोमवार को भी जारी रहा। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में समिति के सदस्य और स्थानीय नागरिक शामिल हुए। समिति ने चेतावनी दी कि यदि निर्माण कार्य में तेजी नहीं लाई गई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

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