केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा- आजादी के पीछे के बलिदान को कभी न भूलें

बिलासपुर। भारत विभाजन के दौरान विस्थापन, पीड़ा और संघर्ष झेलने वाले लोगों की स्मृति में गुरुवार को बिलासपुर के पंडित देवकीनंदन दीक्षित सभागार में जिला स्तरीय ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे।

कार्यक्रम में बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक, महापौर पूजा विधानी, क्रेडा अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी, संभागायुक्त सुनील जैन, कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी, विद्यार्थी और नागरिक मौजूद रहे।

कार्यक्रम स्थल पर विभाजन की त्रासदी पर आधारित प्रदर्शनी भी लगाई गई। इसमें उस दौर की परिस्थितियों, विस्थापन और लोगों की कठिनाइयों को सामने रखा गया। वक्ताओं ने कहा कि 14 अगस्त केवल स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या नहीं है, बल्कि उन लाखों लोगों की पीड़ा को याद करने का दिन भी है, जिन्हें विभाजन के दौरान अपना घर, परिवार, संपत्ति और अपनी मातृभूमि तक छोड़नी पड़ी।

आजादी के संघर्ष को हमेशा याद रखें : साहू

केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि देश की आजादी अनगिनत बलिदानों और लंबे संघर्ष का परिणाम है। स्वतंत्रता आंदोलन में अनेक वीरों ने अपना सर्वस्व देश के लिए समर्पित किया। उनके त्याग और बलिदान को हमेशा याद रखना चाहिए।

उन्होंने कहा कि भारत का इतिहास गौरवशाली रहा है और साहित्य, विज्ञान तथा अनुसंधान सहित कई क्षेत्रों में देश ने दुनिया को दिशा दी है। आज भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा है, जिसे हासिल करने में प्रत्येक नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है।

साहू ने कहा कि अधिकारों के साथ नागरिकों को अपने कर्तव्यों के प्रति भी सजग रहना होगा। जल संरक्षण, पौधरोपण, बुजुर्गों की देखभाल, महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में जिम्मेदारी निभाकर ही विकसित भारत के संकल्प को मजबूत किया जा सकता है।

विभाजन की पीड़ा याद रखना जरूरी : कौशिक

बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक ने कहा कि 14 अगस्त को केवल स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। यह उस त्रासदी को याद करने का अवसर भी है, जिसमें लाखों लोगों को अपने घर, खेत, परिवार और संपत्ति छोड़कर अनजान रास्तों पर विस्थापित होना पड़ा।

उन्होंने कहा कि विभाजन के दौरान कई परिवार बिछड़ गए और महिलाओं तथा बच्चों को भीषण परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाने का उद्देश्य नई पीढ़ी को उस दौर की पीड़ा और उसके परिणामों से परिचित कराना है।

कौशिक ने कहा कि अतीत से सीख लेते हुए देश की एकता, अखंडता, लोकतांत्रिक मूल्यों और सामाजिक सद्भाव को और मजबूत करना होगा।

बलिदान से प्रेरणा लेकर निभाएं जिम्मेदारी : कलेक्टर

कलेक्टर संजय अग्रवाल ने स्वागत भाषण में कहा कि देश की स्वतंत्रता स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और समर्पण का परिणाम है। विभाजन की विभीषिका हमें राष्ट्रीय एकता और अखंडता का महत्व समझाती है।

उन्होंने नागरिकों से इतिहास से प्रेरणा लेकर अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करने और विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।

विद्यार्थियों ने TB और नशे के खिलाफ दिया संदेश

कार्यक्रम के दौरान गुरु घासीदास विश्वविद्यालय के NSS विद्यार्थियों ने ‘मेरा युवा भारत’ संगठन के सहयोग से टीबी और नशे के दुष्प्रभावों पर आधारित नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। विद्यार्थियों ने टीबी की रोकथाम, समय पर जांच और उपचार के महत्व के साथ नशे से होने वाले नुकसान के बारे में लोगों को जागरूक किया।

कार्यक्रम के अंत में विभाजन की त्रासदी झेलने वाले लोगों और स्वतंत्रता संग्राम के वीरों को श्रद्धांजलि दी गई। उपस्थित लोगों ने देश की एकता, अखंडता, सामाजिक सद्भाव और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने तथा विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का संकल्प लिया।

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