जान से मारने की धमकी देकर उगाही की कोशिश,  तीन गिरफ्तार 

बिलासपुर। मस्तूरी थाना क्षेत्र में निजी वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करने के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि आरोपियों ने कारोबारी के यहां काम करने के दौरान महिला का निजी वीडियो बनाया और नौकरी से निकाले जाने के बाद इसी वीडियो को दिखाया, तथा सार्वजनिक करने की धमकी देकर पैसे मांगने लगे।

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 77, 79, 296 और 351(3), आईटी एक्ट की धाराओं 66E, 67 और 67B तथा एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(1)(d)/(घ) के तहत मामला दर्ज किया है। तीनों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

हिसाब में गड़बड़ी के बाद नौकरी से हटाया था

पुलिस के मुताबिक पीड़ित व्यक्ति हार्वेस्टर और ट्रैक्टर के माध्यम से कृषि परिवहन का कारोबार करते हैं। उन्होंने गांव के पितांबर सिंह और अजय चौधरी को परिवहन संबंधी कामकाज की जिम्मेदारी दी थी। बाद में हिसाब-किताब में कथित बेईमानी सामने आने पर दोनों को काम से हटा दिया गया।

आरोप है कि नौकरी जाने से नाराज होकर आरोपियों ने कारोबारी और उसके परिवार को परेशान करना शुरू कर दिया। उन्होंने महिला से जुड़े निजी और अश्लील वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर कथित तौर पर पैसे की मांग की।

शराब के नशे में जातिसूचक टिप्पणी

शिकायत के अनुसार 9 जुलाई 2026 की रात करीब 10 बजे आरोपी शराब के नशे में पीड़ित के पास पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने जातिसूचक टिप्पणी की और जान से मारने की धमकी दी। इसके साथ ही महिला का अश्लील वीडियो दिखाकर उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित करने की धमकी दी गई।

मामले की शिकायत मिलने के बाद मस्तूरी पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने आरोपियों के ठिकानों पर दबिश देकर अजय चौधरी, नरेश पटेल और पितांबर सिंह को हिरासत में लिया।

पूछताछ के बाद तीनों गिरफ्तार

पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपियों ने महिला का अश्लील वीडियो प्रसारित करने की बात स्वीकार की। इसके बाद तीनों को 12 अगस्त 2026 को औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया। 13 अगस्त को उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अजय चौधरी (23), नरेश पटेल (24) और पितांबर सिंह (38), सभी निवासी खपरी लिमतरा, थाना मस्तूरी, जिला बिलासपुर के रूप में हुई है। पुलिस मामले में वीडियो के स्रोत, उसके प्रसार और कथित ब्लैकमेलिंग से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here