परिजन अधिकारियों से लगा रहे मदद की गुहार;

बिलासपुर, 29 अगस्त। नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई प्राकृतिक आपदा के बाद कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए छत्तीसगढ़ के नौ तीर्थयात्रियों से संपर्क नहीं हो पाने से उनके परिजनों की चिंता बढ़ गई है। प्रशासन और आपदा राहत विभाग इन यात्रियों से संपर्क स्थापित करने के प्रयास में जुटे हैं। इनमें बिलासपुर की डॉ. प्रियंका चौधरी भी शामिल हैं, जिनसे कई दिनों से कोई संपर्क नहीं हो पाया है।

प्रियंका बिलासपुर के वेयरहाउस रोड निवासी रमेश कुमार चौधरी की बेटी हैं और फिलहाल फिनलैंड में रहती हैं। वह ईशा ग्रुप के साथ कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गई थीं। परिवार के मुताबिक, यात्रा के दौरान प्रियंका लगातार संपर्क में थीं और उन्होंने यात्रा के अच्छे तरीके से चलने की जानकारी दी थी।

परिजनों के अनुसार, 25 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे प्रियंका ने अपनी मां से फोन पर बात की थी। उन्होंने बताया था कि वह इमिग्रेशन संबंधी औपचारिकताओं के लिए चीनी दूतावास की ओर जा रही हैं। इसके बाद नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में बाढ़ और तबाही की खबरें सामने आने लगीं और प्रियंका से संपर्क टूट गया।

परिवार ने कई बार उनके मोबाइल पर फोन किया। शुरुआत में फोन ‘आउट ऑफ रेंज’ बताया गया, जिसे परिजनों ने नेटवर्क की समस्या या बैटरी खत्म होने की वजह माना। बाद में फोन लगातार बंद आने लगा। प्रियंका के पति से भी फिनलैंड में संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन बात नहीं हो सकी।

रात में हुई थी आखिरी बातचीत

प्रियंका के पिता रमेश चौधरी के मुताबिक, उन्होंने 25 अगस्त की रात करीब 9:45 बजे बेटी से लगभग 10 मिनट तक बात की थी। प्रियंका ने बताया था कि वह तिब्बत-चीन सीमा क्षेत्र में है और यात्रा पूरी कर लौटने के बाद रक्षाबंधन पर बिलासपुर आने की योजना है। उसने यह भी कहा था कि काठमांडू पहुंचने के बाद अगले दिन दिल्ली से लौटते समय वह फिर फोन करेगी। इसके बाद परिवार को उसकी कोई सूचना नहीं मिली।

परिजनों को बाद में जानकारी मिली कि करीब 70 लोगों का समूह जिस भवन में ठहरा था, वह भी आपदा में क्षतिग्रस्त हुआ है। बताया जा रहा है कि प्रियंका जिस क्षेत्र में आखिरी बार मौजूद थीं, वहां बाढ़ से बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है और कई होटल भी तबाह हुए हैं। समूह के अन्य सदस्यों के बारे में भी फिलहाल स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी है।

परिवार ने प्रियंका का मोबाइल नंबर नेपाली अधिकारियों को उपलब्ध कराया है और राहत एवं आपदा विभाग से भी मदद मांगी है। परिजन लगातार उसकी सुरक्षित वापसी की खबर का इंतजार कर रहे हैं।

बिलासपुर की मंजू राय चौधरी भी संपर्क से बाहर

इसी यात्रा के दौरान बिलासपुर के राजकिशोर नगर निवासी 65 वर्षीय मंजू राय चौधरी भी ‘चलो जी’ समूह के साथ कैलाश मानसरोवर गई थीं। आपदा के बाद उनसे भी संपर्क नहीं हो पा रहा है। उनके संबंध में भी आपदा राहत विभाग को जानकारी दी गई है।

प्रियंका ने बिलासपुर में अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की थी और राजनांदगांव से बीडीएस की पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने ब्रिटेन से एमडीएस और फिनलैंड से पीएचडी की। वह करीब 10 वर्षों से फिनलैंड में रह रही हैं और वहीं डॉक्टर के रूप में कार्यरत हैं। रक्षाबंधन पर घर लौटने की उनकी योजना थी, लेकिन नेपाल-तिब्बत क्षेत्र में आई आपदा ने परिवार की चिंता बढ़ा दी है।

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