250-300 जवानों की तैनाती; कलेक्टर-एसएसपी ने संभाला मोर्चा, उपद्रवियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
बिलासपुर। बिलासपुर के खपरगंज इलाके में शुक्रवार देर रात एक आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट से शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते दो गुटों के बीच झड़प और पथराव में बदल गया। स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई, जब बड़ी संख्या में लोग सिटी कोतवाली क्षेत्र में जुट गए और दोनों पक्षों की ओर से पथराव शुरू हो गया। पथराव में पुलिसकर्मियों समेत कई लोगों के घायल होने की सूचना है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, विवाद की शुरुआत युवाओं के बीच व्यक्तिगत कहासुनी और मारपीट से हुई। इसी दौरान एक युवक पर पत्थर फेंके जाने के बाद उसके साथियों के पहुंचने से विवाद बढ़ गया। देखते ही देखते दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। इसी बीच सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर भी मामला तूल पकड़ने लगा और कुछ लोगों ने इसे सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की।
देखते ही देखते सैकड़ों की भीड़
शुरुआत में रात करीब 8 से 9 बजे के बीच कोतवाली इलाके में कुछ दर्जन युवक ही मौजूद थे। इसके बाद शहर के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में लोग वहां पहुंचने लगे। कुछ ही देर में भीड़ सैकड़ों में पहुंच गई। दोनों ओर से पथराव शुरू होने के बाद स्थिति को संभालना पुलिस के लिए चुनौती बन गया।
पथराव में आसपास की दुकानों और मकानों को भी नुकसान पहुंचा। सड़क किनारे खड़े वाहनों के शीशे तोड़े गए। सिटी कोतवाली परिसर में खड़ी गाड़ियों को भी नुकसान पहुंचा। पथराव के दौरान कलेक्टर के वाहन और डायल-112 वाहन को भी क्षति पहुंचने की बात सामने आई है।
पुलिस पर भी पथराव, अधिकारी घायल
भीड़ को नियंत्रित करने पहुंची पुलिस पर भी भारी पथराव किया गया। तारबाहर थाना प्रभारी हरिशंकर तिवारी समेत कई पुलिसकर्मी घायल हुए। एक आरक्षक सोनू पाल के होंठ पर चोट लगने की जानकारी है। घायल पुलिसकर्मियों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया।
पुलिस ने पहले लोगों को समझाकर शांत कराने का प्रयास किया। स्थिति नहीं संभली तो हल्का बल प्रयोग किया गया और इसके बाद आंसू गैस के गोले छोड़े गए। बताया गया कि कुछ गोले ठीक से लॉन्च नहीं हो पाए, जिसके बाद पुलिस अधिकारियों को उन्हें हाथ से फेंकना पड़ा। लगातार कई गोले छोड़े जाने के बावजूद भीड़ तत्काल पीछे हटने को तैयार नहीं थी।
दूसरे थानों से बुलाया गया अतिरिक्त बल
स्थिति बिगड़ने पर शहर के अन्य थानों से पुलिस बल बुलाया गया। पड़ोसी जिलों से भी अतिरिक्त बल मंगाया गया। एसएसपी राजनेश सिंह के अनुसार, मौके पर करीब 250 से 300 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। खपरगंज और आसपास के संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल की तैनाती बढ़ाने के साथ लगातार पेट्रोलिंग की जा रही है।
कोतवाली पहुंचे कलेक्टर और एसएसपी
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी राजनेश सिंह समेत वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सिटी कोतवाली पहुंचे। देर रात कलेक्टर संजय अग्रवाल भी कोतवाली पहुंचे और अधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा की। बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला समेत विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि भी मौके पर मौजूद रहे।
प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने तथा अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति को कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
सोशल मीडिया पोस्ट से पथराव तक की जांच
पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की कड़ी जोड़ने में जुटी है। विवादित सोशल मीडिया पोस्ट, उसके बाद हुई प्रतिक्रिया, युवकों के बीच हुई मारपीट और फिर पथराव तक की पूरी घटनाक्रम की जांच की जा रही है। पुलिस दोनों पक्षों से जुड़े लोगों से पूछताछ कर रही है। घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि पथराव और तोड़फोड़ में शामिल लोगों की पहचान की जा सके।
‘सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई’
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा कि बिलासपुर आपसी भाईचारे और सौहार्द के लिए जाना जाता है। उन्होंने कहा कि शहर की शांति और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने लोगों से अफवाहों से दूर रहने और शांति बनाए रखने की अपील की।
एसएसपी राजनेश सिंह ने कहा कि विवाद व्यक्तिगत मामले से शुरू हुआ था, जिसमें दोनों पक्षों के बीच पथराव हुआ और कुछ लोग घायल हुए। उन्होंने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ऐसे सभी लोगों की पहचान कर रही है, जिन्होंने कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश की।
पुलिस ने खपरगंज समेत शहर के संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। अधिकारियों का कहना है कि अफवाह फैलाने, भड़काऊ पोस्ट करने या शहर की शांति भंग करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी।














