हाईकोर्ट में भावभीनी विदाई, तीन दशक की सेवा को याद किया गया
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के जस्टिस राधाकिशन अग्रवाल सोमवार को सेवानिवृत्त हो गए। इस अवसर पर शाम 3:30 बजे मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रमेश सिन्हा की कोर्ट रूम में विदाई समारोह आयोजित किया गया। मुख्य न्यायाधीश ने जस्टिस अग्रवाल की कानूनी समझ, निष्पक्ष कार्यशैली, प्रशासनिक दक्षता और न्यायिक योगदान की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
जस्टिस राधाकिशन अग्रवाल ने जिला न्यायालयों से लेकर हाईकोर्ट तक न्यायिक सेवा में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। कोरबा में जिला एवं सत्र न्यायाधीश रहते हुए उनके नेतृत्व में वर्ष 2014 में उन्हें ‘Best District Legal Service Award of Excellence (East Zone)’ से सम्मानित किया गया था।
उन्हें 2 अगस्त 2022 को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया था। इसके बाद 28 अप्रैल 2026 को उन्होंने स्थायी न्यायाधीश के रूप में शपथ ली। अपने कार्यकाल में उन्होंने 3,450 से अधिक मामलों का निपटारा किया। इनमें एकल पीठ के 101 रिपोर्टेड फैसले और डिवीजन बेंच के 40 फैसले शामिल हैं।
तीन दशक की सेवा को याद कर भावुक हुए जस्टिस अग्रवाल
विदाई समारोह में जस्टिस अग्रवाल ने मुख्य न्यायाधीश, साथी न्यायाधीशों, परिवार, न्यायिक अधिकारियों, सहकर्मियों, अधिवक्ताओं और हाईकोर्ट के कर्मचारियों के प्रति आभार जताया। करीब तीन दशक के न्यायिक सफर के अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कवि शिवमंगल सिंह ‘सुमन’ की पंक्तियों के माध्यम से अपने भाव व्यक्त किए।
मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रमेश सिन्हा ने कहा कि जस्टिस अग्रवाल ने प्रत्येक मामले की सुनवाई धैर्य और निष्पक्षता के साथ की। उन्होंने बार और बेंच के बीच हमेशा सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखे। उनका शांत स्वभाव, विनम्रता और संतुलित न्यायिक दृष्टिकोण सभी के लिए प्रेरणादायी रहा। उनके फैसलों में कानून की गहरी समझ के साथ न्याय के मानवीय पक्ष के प्रति संवेदनशीलता भी दिखाई देती है। उनका आचरण युवा न्यायिक अधिकारियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा।













