DGCA अधिकारी दिल्ली लौटे, Alliance Air की इंजीनियरिंग टीम ने सौंपी तकनीकी जांच की रिपोर्ट; विमान अभी एयरपोर्ट पर ही खड़ा

बिलासपुर। बिलासा एयरपोर्ट (चकरभाठा) पर 28 अगस्त को लैंडिंग के दौरान टायर फटने से क्षतिग्रस्त हुए Alliance Air के विमान की तकनीकी जांच जारी है। घटना की जांच के लिए बिलासपुर पहुंचे DGCA अधिकारी धीरज कुमार सोमवार को दिल्ली लौट गए। वहीं Alliance Air के सात इंजीनियरों की टीम भी प्रारंभिक निरीक्षण के बाद वापस रवाना हो गई है। हालांकि क्षतिग्रस्त विमान अभी एयरपोर्ट पर ही खड़ा है।

28 अगस्त को दिल्ली से बिलासपुर पहुंची Alliance Air की उड़ान रनवे पर उतरते समय हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बची थी। लैंडिंग के दौरान विमान के बाएं हिस्से का टायर अचानक खराब हो गया, जिसके बाद पायलट को आपातकालीन ब्रेकिंग करनी पड़ी। विमान में 37 यात्री और चार क्रू सदस्य, यानी कुल 41 लोग सवार थे।

चारों पहियों को नुकसान, ब्रेक और हाइड्रोलिक्स भी प्रभावित

तकनीकी निरीक्षण में विमान के चारों पहियों को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। इंजीनियरिंग टीम दो नए पहिए लेकर पहुंची थी, जबकि दो अन्य टायर की आवश्यकता बताई गई है। विमान के लैंडिंग गियर और अन्य प्रमुख स्पेयर पार्ट्स अमेरिका से मंगाने होंगे।

इसके अलावा ब्रेक, हाइड्रोलिक्स और सेंसर सहित कई महत्वपूर्ण हिस्से भी प्रभावित हुए हैं। जब तक इनकी मरम्मत नहीं होती, विमान को उड़ान के लिए फिट घोषित नहीं किया जा सकता।

Alliance Air का अनुमान है कि इस घटना से करीब 3 करोड़ रुपये का वित्तीय नुकसान हो सकता है और विमान लगभग छह महीने तक सेवा से बाहर रह सकता है।

15 से 20 दिन में दिल्ली ले जाने की तैयारी

स्थानीय स्तर पर सीमित संसाधनों के कारण विमान को पूरी तरह दुरुस्त करना चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। Alliance Air की कोशिश है कि DGCA की अनुमति मिलने के बाद जरूरी तकनीकी कार्य कर विमान को करीब 15 से 20 दिन में सुरक्षित तरीके से दिल्ली पहुंचाया जाए, जहां आवश्यक अंतरराष्ट्रीय पार्ट्स और विस्तृत मरम्मत की सुविधा उपलब्ध होगी।

विमान की तकनीकी स्थिति पर Alliance Air की सात सदस्यीय इंजीनियरिंग टीम रिपोर्ट तैयार कर DGCA को सौंपेगी। इसी रिपोर्ट के आधार पर यह तय होगा कि विमान की मरम्मत बिलासा एयरपोर्ट पर होगी या उसे दिल्ली ले जाया जाएगा।

पायलट फिलहाल ‘डी-रोस्टर’

घटना के बाद पायलट को तत्काल डी-रोस्टर कर दिया गया है। जांच समिति की अनुमति मिलने तक वह विमान नहीं उड़ा सकेगा। उसे जांच पैनल के समक्ष उपस्थित होकर लैंडिंग के समय उत्पन्न परिस्थितियों और आपातकालीन ब्रेकिंग की वजह से जुड़े सवालों का जवाब देना होगा।

सुरक्षा के लिहाज से घटना के बाद विमान में मौजूद करीब दो टन ईंधन भी निकाल दिया गया था। तकनीकी टीम ने प्रभावित हिस्सों की विस्तृत सूची तैयार की है। एयरपोर्ट पर मरम्मत की व्यवहारिकता और विमान को दिल्ली ले जाने के विकल्प पर अब DGCA के निर्णय का इंतजार है।

हादसे के बाद दो दिनों तक प्रभावित रही उड़ान सेवा तीसरे दिन बहाल हो गई थी। केवल कोलकाता उड़ान एक दिन रद्द रही, जबकि इसके बाद एयर ऑपरेशन सामान्य रूप से जारी रहे।

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