छठवीं के छात्र का भारी बस्ता देखकर पिता ने दर्ज कराई थी शिकायत, पूरे बिल्हा ब्लॉक के स्कूलों को निर्देश

बिलासपुर। बच्चों के भारी स्कूल बैग की समस्या को लेकर पिरैया गांव के किसान अश्वनी साहू की शिकायत ने पूरे बिल्हा ब्लॉक के स्कूलों के लिए नई व्यवस्था लागू करा दी है। साहू ने अपने छठवीं कक्षा में पढ़ने वाले बेटे के भारी बस्ते को लेकर CM Helpline 1076 में शिकायत की थी। प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी सरकारी, निजी और अनुदान प्राप्त स्कूलों को बैग का वजन कम करने और नियमित जांच के निर्देश दिए हैं।

बिल्हा के ब्लॉक शिक्षा अधिकारी भूपेंद्र कौशिक और सहायक ब्लॉक शिक्षा अधिकारी मुकेश अग्रवाल ने स्कूलों को निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत स्कूलों को टाइम टेबल इस तरह तैयार करना होगा कि बच्चों को रोजाना सभी किताबें साथ लेकर न चलना पड़े। जिस दिन जिस पुस्तक की जरूरत हो, बच्चे वही पुस्तक लेकर आएं।

बैग का वजन बच्चे के वजन का 10 प्रतिशत से अधिक नहीं

निर्देशों में School Bag Policy 2020 का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है। इसके अनुसार स्कूल बैग का वजन बच्चे के शरीर के वजन के 10 प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए। स्कूलों में डिजिटल वजन मशीन रखना और समय-समय पर विद्यार्थियों के बैग का वजन जांचना भी अनिवार्य किया गया है।

लापरवाही पाए जाने पर संस्था प्रमुख और प्रबंधक की जवाबदेही तय होगी।

बेटे को रोज 1 से 1.5 किमी चलकर जाना पड़ता है

अश्वनी साहू ने बताया कि उनका बेटा राहुल पिरैया के सरकारी स्कूल में छठवीं कक्षा में पढ़ता है। पहले उसके पास छह किताबें थीं, लेकिन बाद में चार और किताबें जुड़ गईं। इसके अलावा करीब 10 कॉपियां भी ले जानी पड़ती हैं। राहुल रोज लगभग 1 से 1.5 किलोमीटर पैदल स्कूल जाता है, जिससे भारी बैग की समस्या और बढ़ जाती है।

शिकायत के बाद स्कूल के शिक्षक साहू के घर भी पहुंचे। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें शिक्षकों से कोई व्यक्तिगत शिकायत नहीं है। उनकी चिंता केवल बच्चों के बढ़ते बस्ते के वजन को लेकर है। मामले को गंभीरता से लेते हुए अब पूरे ब्लॉक के स्कूलों के लिए निर्देश जारी किए गए हैं।

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