कई जिलों की जिम्मेदारी बदली, जस्टिस संजय के. अग्रवाल को चार जिलों का प्रभार
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य के सिविल जिलों के लिए पोर्टफोलियो जजों की नई जिम्मेदारियां तय की हैं। मुख्य न्यायाधीश के आदेश के तहत जारी सूची के अनुसार अलग-अलग न्यायाधीशों को जिलों की प्रशासनिक जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह व्यवस्था 1 सितंबर 2026 से प्रभावी होगी और संबंधित न्यायाधीशों के कार्यभार ग्रहण करने की तारीख से अगले आदेश तक लागू रहेगी।
नई व्यवस्था के तहत जस्टिस संजय के. अग्रवाल को कोरबा, जांजगीर-चांपा, बलरामपुर-रामानुजगंज और सूरजपुर की जिम्मेदारी दी गई है।
जस्टिस पार्थ प्रतिम साहू सरगुजा, कोरिया, धमतरी और दक्षिण बस्तर (दंतेवाड़ा) के पोर्टफोलियो जज होंगे। जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास को राजनांदगांव और बेमेतरा तथा जस्टिस नरेश कुमार चंद्रवंशी को दुर्ग और बालोद की जिम्मेदारी मिली है।
किस जज को कौन सा जिला
- जस्टिस सचिन सिंह राजपूत — रायगढ़ और महासमुंद
- जस्टिस राकेश मोहन पांडेय — बलौदाबाजार और बस्तर (जगदलपुर)
- जस्टिस संजय कुमार जायसवाल — कोंडागांव और मुंगेली
- जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल — बिलासपुर और उत्तर बस्तर (कांकेर)
- जस्टिस विभु दत्ता गुरु — रायपुर और कबीरधाम
- जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद — जशपुर
विधि विभाग और मानवाधिकार आयोग में भी नियुक्तियां
राज्य शासन ने विधि एवं विधायी कार्य विभाग तथा छत्तीसगढ़ मानव अधिकार आयोग में भी महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव किए हैं। उच्च न्यायिक सेवा के अधिकारी और वर्तमान में मानव अधिकार आयोग में संयुक्त सचिव मनीष कुमार ठाकुर की सेवाएं विधि एवं विधायी कार्य विभाग को सौंपी गई हैं। उन्हें कार्यभार ग्रहण करने की तारीख से अगले आदेश तक अस्थायी रूप से विभाग का प्रमुख सचिव नियुक्त किया गया है।
वहीं मुंगेली की प्रथम सिविल जज (सीनियर डिवीजन एवं CJM) जसविंदर कौर अजमानी मलिक को प्रतिनियुक्ति पर रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ मानव अधिकार आयोग में उप सचिव बनाया गया है।
हाईकोर्ट रजिस्ट्री में भी प्रशासनिक कार्यों के लिए बदलाव किया गया है। लोअर ज्यूडिशियल सर्विस के अधिकारी रवि कुमार कश्यप को अतिरिक्त रजिस्ट्रार (प्रशासन) के प्रशासनिक कार्यों में सहयोग की जिम्मेदारी दी गई है।














