हाईकोर्ट ने कहा- निजी संपत्ति विवाद को जनहित याचिका का रूप नहीं दिया जा सकता

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने वक्फ संपत्ति पर कथित अतिक्रमण और अवैध बिक्री के खिलाफ दायर जनहित याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि पुराने बिक्री विलेख, कब्जे और किसी विशेष संपत्ति के हस्तांतरण की वैधता जैसे विवादों के लिए वक्फ ट्रिब्यूनल में वैधानिक उपाय उपलब्ध है।

चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने सैयद हामिद अली बनाम छत्तीसगढ़ शासन एवं अन्य मामले में यह आदेश दिया।

याचिकाकर्ता सैयद हामिद अली ने आरोप लगाया था कि उनके पूर्वजों से जुड़ी वक्फ संपत्ति पर अतिक्रमण किया गया और जमीन के कुछ हिस्सों को अवैध रूप से बेचा गया। याचिका में 1959 और 1966 में हुए बिक्री विलेखों पर भी सवाल उठाए गए थे। संबंधित संपत्ति को 1997 में औकाफ रजिस्टर में वक्फ संपत्ति के रूप में दर्ज किया गया था।

राज्य की ओर से महाधिवक्ता सुमित सिंह ने तर्क दिया कि मामला जनहित का न होकर विशिष्ट संपत्तियों और पुराने निजी लेन-देन की वैधता से जुड़ा है।

कोर्ट ने वक्फ अधिनियम की संबंधित धाराओं का उल्लेख करते हुए कहा कि अतिक्रमण हटाने, अवैध हस्तांतरण और वक्फ संपत्ति की वसूली के लिए कानून में पर्याप्त वैधानिक व्यवस्था है। इसलिए ऐसे निजी और पुराने विवादों की सुनवाई PIL के रूप में करना उचित नहीं है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here