बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बच्चे की कस्टडी से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में स्पष्ट किया है कि मां की दूसरी शादी अपने आप में उसे बच्चे की देखभाल के लिए अयोग्य नहीं बनाती। अदालत ने कहा कि बच्चे का कल्याण केवल आर्थिक स्थिति के आधार पर तय नहीं किया जा सकता। बच्चे के सर्वोत्तम हित को सबसे अधिक महत्व दिया जाना चाहिए।
जस्टिस पार्थ प्रतिम साहू और जस्टिस सचिन सिंह राजपूत की डिवीजन बेंच ने जगदलपुर फैमिली कोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए बच्चे की दादी और चाचा की अपील खारिज कर दी।
पति की मौत के बाद मां ने की दूसरी शादी
मामले के अनुसार बच्चे के पिता की 18 फरवरी 2022 को हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। इसके बाद मां अपने मायके चली गई और 13 दिसंबर 2024 को उसने दूसरी शादी कर ली।
बच्चे के दादी और चाचा ने फैमिली कोर्ट में कस्टडी की मांग करते हुए दावा किया था कि उनकी आर्थिक स्थिति बेहतर है और वे बच्चे का बेहतर पालन-पोषण कर सकते हैं। उनका यह भी कहना था कि मां की दूसरी शादी के बाद बच्चे की सुरक्षा और भविष्य को लेकर चिंता है।
मां की दोबारा शादी को आधार नहीं बनाया जा सकता
हाईकोर्ट ने इन दलीलों को स्वीकार नहीं किया। अदालत ने कहा कि केवल मां की दूसरी शादी हो जाने से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि वह बच्चे की देखभाल करने में सक्षम नहीं है।
अदालत ने कहा कि पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चे के लिए मां की संगति सामान्यतः सबसे सुरक्षित और स्वाभाविक मानी जाती है। केवल बेहतर आर्थिक संसाधन होने से किसी रिश्तेदार को बच्चे की कस्टडी का अधिकार नहीं मिल जाता। कस्टडी के मामले में बच्चे का हित और उसका कल्याण सर्वोपरि है।
ससुराल में प्रताड़ना का मां ने लगाया आरोप
सुनवाई के दौरान मां ने आरोप लगाया कि पति की मौत के बाद ससुराल पक्ष ने उसे प्रताड़ित किया, उसके कपड़े और जेवर ले लिए और उसे घर से निकाल दिया। उसने बताया कि करीब डेढ़ साल बाद उसने बच्चे के भविष्य को देखते हुए दूसरी शादी की।
मां के मुताबिक उसका दूसरा पति बच्चे को अपने साथ रखने के लिए तैयार है और बच्चा उनके साथ खुश है। वह शिक्षिका के रूप में करीब 7 हजार रुपये प्रतिमाह कमाती है, जबकि उसका दूसरा पति ऑटो चलाता है।
हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के Roxann Sharma मामले में दिए गए फैसले का भी उल्लेख किया। अदालत ने कहा कि पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चे की कस्टडी सामान्य परिस्थितियों में मां के पास रहनी चाहिए।













