अदालत के फैसले का सम्मान, लेकिन राजनीतिक साजिश की जांच नहीं होने से संतुष्ट नहीं
बिलासपुर। झीरम घाटी मामले में अदालत के फैसले के बाद बिलासपुर जिला कांग्रेस ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की जांच और रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए इसे ‘अधूरा न्याय’ बताया है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि वे अदालत के फैसले का सम्मान करते हैं, लेकिन पार्टी को NIA की जांच पर भरोसा नहीं है। उन्होंने संकेत दिया कि मामले को लेकर फिर अदालत का रुख किया जाएगा।
शहर कांग्रेस अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा और ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि 23 मई 2013 को हुए झीरम घाटी हमले में 32 लोगों की जान गई थी, जिनमें कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भी शामिल थे। उनके अनुसार घटना के पीछे राजनीतिक साजिश के पहलू की पर्याप्त जांच नहीं हुई।
वरिष्ठ नक्सली नेताओं की भूमिका पर सवाल
कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि NIA की कार्रवाई में जिन दस लोगों को गिरफ्तार कर दोषी ठहराया गया, वे निचले स्तर के नक्सली थे। उन्होंने सवाल उठाया कि इतने बड़े हमले को वरिष्ठ नक्सली नेताओं की जानकारी या भूमिका के बिना कैसे अंजाम दिया जा सकता था।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि FIR में शुरुआती तौर पर शामिल वरिष्ठ नक्सली नेताओं के नाम बाद में क्यों हटाए गए और अलग-अलग समय पर आत्मसमर्पण करने वाले वरिष्ठ नक्सलियों से पूछताछ क्यों नहीं की गई।
कांग्रेस ने पूछा कि परिवर्तन यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था क्यों हटाई गई, यात्रा का मार्ग किसके आदेश पर बदला गया और हमले की पूरी योजना किसने तैयार की।
घायलों और महत्वपूर्ण साक्ष्यों को लेकर भी सवाल
कांग्रेस नेताओं के मुताबिक हमले में घायल होकर बचे लोगों के बयान भी पर्याप्त रूप से दर्ज नहीं किए गए। उन्होंने दावा किया कि प्रभावित लोगों ने जांच एजेंसियों के समक्ष हलफनामे दिए, लेकिन उनके बयानों को रिकॉर्ड का हिस्सा नहीं बनाया गया।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि घटनास्थल पर पड़े शहीदों और घायलों के दस्तावेज कई सप्ताह तक क्यों बिखरे रहे और मोबाइल फोन जैसे महत्वपूर्ण साक्ष्य क्यों जब्त नहीं किए गए।
कांग्रेस ने तत्कालीन मुख्यमंत्री, गृह मंत्री, मुख्य सचिव, DGP और नक्सल मामलों से जुड़े अधिकारियों से पूछताछ के संबंध में भी सवाल उठाए। नेताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस की SIT जांच को आगे बढ़ने से रोका गया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिद्धांशु मिश्रा, महेंद्र गंगोत्री, पूर्व विधायक शैलेश पांडे, पूर्व शहर अध्यक्ष विजय पांडे सहित कांग्रेस के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।














