रायपुर। छत्तीसगढ़ के जंगलों और वन्यजीव आश्रय स्थलों को अवैध कब्जों से मुक्त कराने की दिशा में वन विभाग ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। सूबे के बेहद संवेदनशील उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व (USTR) के सीतानदी कोर रेंज में जिला प्रशासन और पुलिस बल की मदद से अब तक का सबसे बड़ा संयुक्त ऑपरेशन चलाया गया।
इस महा-अभियान के तहत टाइगर रिजर्व की करीब 106 हेक्टेयर (लगभग 261 एकड़) बेशकीमती वन भूमि को अतिक्रमणकारियों के चंगुल से पूरी तरह मुक्त करा लिया गया है। इस पूरी कार्रवाई की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि इसका नेतृत्व पूरी तरह से वन विभाग की महिला जांबाज अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम ने किया।
अंतरिक्ष से टिकी थीं नजरें, इसरो की तकनीक से खुला राज
जंगलों के भीतर छिपे इस बड़े रैकेट का पर्दाफाश करने के लिए इस बार पारंपरिक गश्त के बजाय आधुनिक स्पेस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया। वन विभाग ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) की सैटेलाइट इमेजरी और अत्याधुनिक डीजीपीएस-युक्त ड्रोन मैपिंग (DGPS-enabled Drone Mapping) का सहारा लिया। पिछले कुछ वर्षों की उपग्रह तस्वीरों और वर्तमान स्थिति का बारीकी से मिलान करने पर पता चला कि कोर जोन के भीतर बड़े पैमाने पर पेड़ों की अंधाधुंध कटाई कर अवैध रूप से खेती और झोपड़ियों का निर्माण कर लिया गया था। तकनीक से सटीक लोकेशन मिलते ही विभाग ने इस गुप्त ऑपरेशन का खाका तैयार किया।
महिला अधिकारियों ने संभाली फ्रंट लाइन
आमतौर पर अतिक्रमण हटाने की हिंसक और संवेदनशील कार्रवाइयों में पुरुषों को आगे रखा जाता है, लेकिन इस बार छत्तीसगढ़ वन विभाग ने एक नई मिसाल पेश की। इस पूरे बेदखली अभियान का फ्रंट-लाइन नेतृत्व धमतरी, गरियाबंद, कांकेर और उदंती-सीतानदी प्रभाग की महिला वन अधिकारियों व कर्मचारियों ने किया। करीब 50 महिला वन कर्मियों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए कोर जोन में मोर्चा संभाला। इस महिला विंग को सुरक्षा देने और व्यवस्था बनाए रखने के लिए 200 पुरुष वन रक्षक और 51 जिला पुलिस बल के सशस्त्र जवान तैनात रहे। महिला अधिकारियों की प्रशासनिक सूझबूझ और कूटनीति के कारण इतना बड़ा अभियान बिना किसी टकराव या अप्रिय घटना के पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया।
40 आरोपी गिरफ्तार, कानूनी शिकंजा कसा
खुफिया सैटेलाइट इनपुट के आधार पर की गई इस कार्रवाई के दौरान वन भूमि पर अवैध कब्जा करने, जंगलों को काटने और वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास को नुकसान पहुंचाने के आरोप में 40 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पकड़े गए सभी आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम और भारतीय वन अधिनियम की कड़ा रुख अख्तियार करने वाली विभिन्न संगीन धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। जिला कोर्ट में पेश करने के बाद सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
दोबारा हरा-भरा बनेगा कोर जोन, मास्टर प्लान तैयार
अतिक्रमणकारियों के चंगुल से मुक्त कराई गई 106 हेक्टेयर भूमि को एक बार फिर से घने जंगल में तब्दील करने के लिए वन विभाग ने तत्काल री-स्टोरेशन (पुनर्स्थापना) का काम शुरू कर दिया है। उजाड़े गए पर्यावरण को पुनर्जीवित करने के लिए इस क्षेत्र में जल संरक्षण को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके लिए जमीन पर 50,000 से अधिक कंटूर ट्रेंच (जल सोखने वाले गड्ढे) और बंड्स का निर्माण युद्ध स्तर पर जारी है। आने वाले मानसून और पौधारोपण सीजन में यहाँ स्थानीय प्रजातियों के हजारों पौधे रोपे जाएंगे ताकि टाइगर रिजर्व का यह कोर एरिया एक बार फिर वन्यप्राणियों के लिए सुरक्षित और अनुकूल बन सके।













