नई दिल्ली। चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्षी INDIA ब्लॉक ने बुधवार को दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में करीब साढ़े तीन घंटे बैठक की। बैठक में 19 विपक्षी दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया। इसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, आरजेडी नेता तेजस्वी यादव, एनसीपी-एसपी की सुप्रिया सुले और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती समेत कई नेता शामिल रहे।
बैठक का मुख्य एजेंडा SIR के दौरान मतदाता सूचियों में नाम हटाए जाने को लेकर विपक्ष की आपत्तियां, चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग रहा। बैठक के बाद विपक्षी दलों ने 2 से 8 अक्टूबर तक देशभर में ‘सेव डेमोक्रेसी’ मार्च और प्रदर्शन करने तथा 6 अक्टूबर को सभी विपक्षी सांसदों के चुनाव आयोग तक मार्च का ऐलान किया।
6 अक्टूबर को चुनाव आयोग तक मार्च
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि 2 से 8 अक्टूबर तक जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन और ‘सेव डेमोक्रेसी’ मार्च किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में युवा संगठनों और गैर-सरकारी संगठनों को भी जोड़ने की बात कही गई है। इसके बाद 6 अक्टूबर को विपक्षी सांसद सामूहिक रूप से चुनाव आयोग तक मार्च करेंगे।
विपक्षी दलों ने अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात का समय मांगने का भी फैसला किया है। INDIA ब्लॉक के नेता चुनाव प्रक्रिया और संवैधानिक संस्थाओं से जुड़े मुद्दों पर राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपना चाहते हैं। इसके अलावा देश के विभिन्न हिस्सों में आगे भी रैलियां आयोजित करने की योजना है।
CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग
बैठक में खड़गे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग दोहराई। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की स्वतंत्रता और मतदाता के अधिकारों से जुड़े सवाल गंभीर हो गए हैं। खड़गे ने चुनाव आयुक्तों के बीच मतदाता सूची के पुनरीक्षण से जुड़े मामलों में मतभेद की हालिया रिपोर्टों का भी उल्लेख किया।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 10 महीने की अवधि में कम से कम 14 मौकों पर कुछ फैसलों और प्रक्रियाओं पर आपत्ति जताई थी। विपक्ष ने इन घटनाक्रमों को चुनाव आयोग के भीतर मतभेद और निर्णय प्रक्रिया की पारदर्शिता से जोड़कर सवाल उठाए हैं। वहीं चुनाव आयोग की ओर से कहा गया है कि संबंधित आपत्तियां निर्णय प्रक्रिया के दौरान हुई आंतरिक चर्चाओं का हिस्सा थीं और केवल चुनिंदा टिप्पणियों के आधार पर आयोग की पूरी कार्यप्रणाली का आकलन नहीं किया जा सकता।
ज्ञानेश कुमार ने 19 फरवरी 2025 को देश के 26वें मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में पदभार संभाला था। चुनाव आयोग की आधिकारिक जानकारी के अनुसार इससे पहले वे चुनाव आयुक्त के रूप में कार्य कर चुके हैं।
SIR पर विपक्ष की आपत्तियां
विपक्षी दलों का सबसे बड़ा विरोध मतदाता सूची के Special Intensive Revision (SIR) को लेकर है। उनका आरोप है कि पुनरीक्षण की प्रक्रिया में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं और वास्तविक मतदाताओं को अपने नाम बनाए रखने के लिए अतिरिक्त दस्तावेज और प्रक्रियाएं पूरी करनी पड़ रही हैं।
खड़गे ने मांग की कि भविष्य के चुनावों में SIR से पहले की मतदाता सूची को आधार बनाया जाए। उन्होंने मतदाता सूची में प्रत्येक बदलाव की पूरी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है। इसमें विधानसभा क्षेत्र और बूथ स्तर पर नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन की जानकारी उपलब्ध कराने की बात शामिल है।
विपक्ष ने यह भी मांग रखी कि किसी वास्तविक मतदाता का नाम हटाने से पहले उसे नोटिस दिया जाए, हटाने का कारण बताया जाए और प्रभावी अपील का अवसर मिले। पहली बार मतदान करने वाले युवाओं के लिए पंजीकरण प्रक्रिया को भी आसान बनाने की मांग की गई है।
बैलेट पेपर से मतदान की मांग
बैठक में विपक्षी दलों ने EVM की जगह बैलेट पेपर से मतदान कराने की मांग भी उठाई। खड़गे ने कहा कि INDIA ब्लॉक में शामिल दलों ने इस मुद्दे पर सहमति जताई है। विपक्ष लंबे समय से EVM की कार्यप्रणाली और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाता रहा है।
यह मांग SIR विवाद से अलग चुनाव प्रक्रिया और निर्वाचन आयोग की विश्वसनीयता से जुड़े विपक्ष के व्यापक अभियान का हिस्सा है।
ममता ने लगाया ‘वोट चोरी’ का आरोप
बैठक के बाद तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने कहा कि INDIA ब्लॉक एकजुट है। उन्होंने मध्य प्रदेश, हरियाणा, बिहार और पश्चिम बंगाल के चुनावों के साथ 2024 के लोकसभा चुनाव को लेकर भी विपक्ष की ओर से उठाए गए सवालों का उल्लेख किया।
ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों और EVM तथा मतगणना से संबंधित सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विपक्ष इन मुद्दों को चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट के समक्ष उठा चुका है। ये सभी आरोप विपक्षी नेताओं के हैं और चुनाव आयोग इन पर अपनी अलग स्थिति रखता है।
राहुल गांधी बोले- संविधान की रक्षा की सामूहिक जिम्मेदारी
राहुल गांधी ने बैठक के बाद विपक्षी दलों की एकजुटता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि INDIA ब्लॉक के नेता संविधान की रक्षा की सामूहिक जिम्मेदारी निभा रहे हैं और देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं से जुड़े मुद्दों पर मिलकर आगे बढ़ेंगे।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भी कहा कि विपक्षी दल चुनावी प्रक्रिया और संवैधानिक संस्थाओं से जुड़े सवालों को लेकर संयुक्त अभियान चलाएंगे।
19 दल बैठक में शामिल, AAP और DMK नहीं आए
बैठक में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, एनसीपी-शरदचंद्र पवार, शिवसेना-यूबीटी, आरजेडी, सीपीएम, सीपीआई, नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीडीपी, झारखंड मुक्ति मोर्चा, सीपीआई-एमएल, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग, केरल कांग्रेस (एम), एमडीएमके, वीसीके, आरएसपी, केरल कांग्रेस (जोसेफ) और ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक के प्रतिनिधि शामिल हुए।
आम आदमी पार्टी ने बैठक में हिस्सा नहीं लिया। AAP सांसद संजय सिंह ने कहा कि उनकी पार्टी अब INDIA ब्लॉक का हिस्सा नहीं है। उन्होंने हालांकि CEC के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव का समर्थन करने और SIR से जुड़े मुद्दों पर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं।














