550 थानों के लिए ₹102 करोड़ की योजना, 18 महीने तक सुरक्षित रखा जाएगा फुटेज
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने प्रदेश के पुलिस थानों में CCTV कैमरों के संचालन और फुटेज सुरक्षित रखने को लेकर राज्य सरकार को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का कड़ाई से पालन करने को कहा है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि थानों में CCTV केवल औपचारिक व्यवस्था नहीं, बल्कि पारदर्शिता और नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा का महत्वपूर्ण माध्यम है।
मामला गौरेला थाने में NDPS के आरोपियों से जुड़े प्रकरण से सामने आया, जहां CCTV फुटेज उपलब्ध नहीं होने के कारण हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप नहीं किया। चार आरोपियों की ओर से दायर याचिकाएं भी अदालत ने खारिज कर दीं।
सुनवाई के दौरान मुख्य सचिव की ओर से अदालत को बताया गया कि प्रदेश के 550 पुलिस थानों में CCTV कैमरों और संबंधित बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए करीब ₹102 करोड़ की योजना तैयार की गई है। इसके तहत सभी थानों में CCTV व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा और फुटेज 18 महीने तक सुरक्षित रखने की व्यवस्था की जाएगी।
कोर्ट ने कहा कि निर्धारित अवधि तक फुटेज सुरक्षित रहना जरूरी है। जानकारी के अनुसार 18 महीने के बाद फुटेज स्वतः डिलीट होने की व्यवस्था है। मामले में आरोपियों के मोबाइल नंबरों के CDR भी ट्रायल कोर्ट के रिकॉर्ड में उपलब्ध हैं, जिनका इस्तेमाल वे अपने बचाव में कर सकते हैं।
हाईकोर्ट ने कहा कि CCTV कैमरे हर समय चालू हालत में रहने चाहिए। यदि कैमरे काम नहीं करते हैं या फुटेज सुरक्षित नहीं रखा जाता है, तो इसके लिए जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। कोर्ट ने राज्य सरकार से अपेक्षा जताई कि सभी पुलिस थानों में CCTV व्यवस्था प्रभावी रूप से संचालित होगी और लापरवाही के मामलों में जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी।














