शादी और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने का आरोप, इनकार करने पर दुष्कर्म के मामले में फंसाने की धमकी, न्यायिक हिरासत में भेजी गई आरोपी

कवर्धा। छत्तीसगढ़ के कवर्धा में आलोक दुबे आत्महत्या मामले में सिटी कोतवाली पुलिस ने उसकी लिव-इन पार्टनर अमीना ताज (36) को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने महिला के खिलाफ आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने के आरोप में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

पुलिस के मुताबिक, आलोक दुबे और अमीना ताज पिछले करीब चार वर्षों से लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे। जांच में आरोप सामने आया है कि अमीना, आलोक पर धर्म परिवर्तन कर मुस्लिम रीति-रिवाज से निकाह करने का दबाव बना रही थी। शादी से इनकार करने पर उसे दुष्कर्म के मामले में फंसाने की धमकी देकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किए जाने का भी आरोप है।

29 जुलाई को किराये के मकान में फंदे पर मिला था आलोक

पुलिस के अनुसार, 29 जुलाई 2026 को आलोक दुबे के आत्महत्या करने की सूचना मिली थी। उसके भाई सुमुख दुबे ने पुलिस को बताया था कि अमीना ताज ने मोबाइल फोन के जरिए आलोक के फांसी लगाने की जानकारी दी थी।

सूचना मिलने के बाद सिटी कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम कराया। मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू की गई।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण फांसी लगाने से दम घुटना बताया गया। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर वैज्ञानिक साक्ष्य भी जुटाए।

चार साल से लिव-इन में थे, निकाह के लिए दबाव बनाने का आरोप

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आलोक दुबे और अमीना ताज करीब चार वर्षों से साथ रह रहे थे।

पुलिस का आरोप है कि अमीना ताज, आलोक पर मुस्लिम धर्म स्वीकार कर मुस्लिम रीति-रिवाज से विवाह करने के लिए दबाव बना रही थी। इसके साथ ही शादी से इनकार करने पर दुष्कर्म के मामले में फंसाने की धमकी देकर उसे मानसिक रूप से परेशान किए जाने की बात भी सामने आई है।

पुलिस के मुताबिक, इसी दबाव और कथित प्रताड़ना से परेशान होकर आलोक ने 29 जुलाई को आत्महत्या कर ली। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होनी बाकी है।

मोबाइल, लैपटॉप और तीन फोन जब्त

पुलिस ने मर्ग जांच के दौरान घटनास्थल से मृतक का मोबाइल फोन और लैपटॉप जब्त किया। इसके अलावा अमीना ताज के तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।

जांच में घटनास्थल के निरीक्षण, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, वैज्ञानिक अधिकारी की रिपोर्ट और मृतक के परिजनों व अन्य गवाहों के बयान को शामिल किया गया।

पुलिस के अनुसार, इन साक्ष्यों के आधार पर अमीना ताज के खिलाफ आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने का प्रथम दृष्टया मामला पाया गया।

23 सितंबर को FIR, अगले दिन गिरफ्तारी

पुलिस ने मर्ग जांच के बाद 23 सितंबर 2026 को अमीना ताज के खिलाफ अपराध क्रमांक 413/2026 दर्ज किया। इसमें भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 के तहत आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने का आरोप लगाया गया है।

इसके बाद 24 सितंबर को आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

मामले की विवेचना सिटी कोतवाली पुलिस कर रही है।

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