सुशासन तिहार में महतारी वंदन की 28वीं किस्त जारी, वृद्धजनों और दिव्यांगों के लिए केंद्रों का भूमिपूजन
बिलासपुर। सुशासन, विकास और जनकल्याण को अपनी सरकार की पहचान बताते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गुरुवार को हेमूनगर में आयोजित जिला स्तरीय समाधान शिविर में 134 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इस दौरान उन्होंने महतारी वंदन योजना की 28वीं किस्त जारी की तथा कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं।
मुख्यमंत्री ने 80 दिव्यांग हितग्राहियों को मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल वितरित की और प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को प्रतीकात्मक चाबियां सौंपीं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल सुविधाएं देना नहीं, बल्कि लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने एसईसीएल के सीएसआर मद से 22.65 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले 200 बिस्तर वाले बहुउद्देशीय वृद्धाश्रम का भूमिपूजन किया। यहां योग, फिजियोथेरेपी, प्राकृतिक चिकित्सा और पुनर्वास जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके साथ ही 18.76 करोड़ रुपये की लागत वाले 500 सीटों के दिव्यांग शिक्षा, प्रशिक्षण एवं पुनर्वास केंद्र की आधारशिला भी रखी गई।
स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए जिला अस्पताल में करीब 4.50 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित अत्याधुनिक सीटी स्कैन मशीन का लोकार्पण किया गया। इससे गंभीर बीमारियों की जांच स्थानीय स्तर पर संभव हो सकेगी।
मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना की 28वीं किस्त जारी करते हुए राज्य की 68.54 लाख महिलाओं के खातों में 642.27 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित की। उन्होंने बताया कि योजना के तहत अब तक 18 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि महिलाओं को दी जा चुकी है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बेलतरा कॉलेज का नामकरण स्वर्गीय सखाराम सूर्यवंशी के नाम पर करने तथा बेलतरा विधानसभा क्षेत्र में पांच मंगल भवनों के निर्माण की घोषणा की। उन्होंने कहा कि बिलासपुर के समग्र विकास के लिए विशेष कार्ययोजना पर काम किया जा रहा है और सभी आवश्यक कार्य प्राथमिकता से पूरे किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से सरकार सीधे जनता तक पहुंचकर योजनाओं की समीक्षा और फीडबैक ले रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को सरकार जनभागीदारी के साथ हासिल करेगी।














