रायपुर। छत्तीसगढ़ के शहरी सार्वजनिक परिवहन में एक बड़े और पर्यावरण-अनुकूल बदलाव की शुरुआत हो चुकी है। प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के अंतर्गत प्रदेश के चार बड़े शहरों में 240 हाई-टेक इलेक्ट्रिक बसों को सड़कों पर उतारने के लिए अंतिम मुहर लग गई है। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव की गरिमामयी उपस्थिति में चारों संबंधित नगर निगमों और चयनित संचालन एजेंसी चार्टर्ड स्पीड लिमिटेड के बीच आधिकारिक ‘कंसेशन एग्रीमेंट’ पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने चारों शहरों में दौड़ने वाली इन अत्याधुनिक बसों के आकर्षक कलर और कट-आउट (डिजाइन) का विमोचन भी किया।
जानिए किस शहर के हिस्से आईं कितनी बसें
यात्रियों की संख्या और शहरी आवश्यकता के अनुसार इन सभी 240 बसों का आवंटन चारों शहरों में इस प्रकार किया गया है:
राजधानी रायपुर: सर्वाधिक 100 इलेक्ट्रिक बसें यहाँ की सड़कों पर ट्रैफिक का बोझ कम करेंगी।
बिलासपुर: न्यायधानी में कुल 50 बसें सार्वजनिक परिवहन को नया रूप देंगी।
दुर्ग-भिलाई: ट्विन सिटी के नागरिकों के सफर को सुगम बनाने के लिए 50 बसें मंजूर की गई हैं।
ऊर्जाधानी कोरबा: औद्योगिक हब कोरबा को प्रदूषण मुक्त सेवा देने के लिए 40 बसें मिलेंगी।
बिलासपुर और भिलाई से होगी शुरुआत, तय हुआ लक्ष्य
योजना को धरातल पर लाने के लिए समय-सीमा भी तय कर दी गई है। प्रथम चरण में बिलासपुर और दुर्ग-भिलाई दोनों ही प्रमुख शहरों में 1 नवंबर से प्रारंभिक तौर पर 20-20 बसों का परिचालन शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके ठीक बाद रायपुर और कोरबा में भी चरणबद्ध तरीके से बेड़े को सड़क पर उतार दिया जाएगा।
डिजिटल सुविधाओं और सुरक्षा से लैस होंगी बसें
यह नई बस सेवा सिर्फ पर्यावरण के लिहाज से ही बेहतर नहीं है, बल्कि यात्रियों के आराम और सुरक्षा का भी इसमें खास ख्याल रखा गया है।
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- हाई-टेक सुरक्षा: हर बस के भीतर यात्रियों, खासकर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सीसीटीवी कैमरे इंस्टॉल किए गए हैं।
- स्मार्ट टिकटिंग: यात्रियों को टिकट के लिए लंबी कतारों या चिल्हर की समस्या से नहीं जूझना होगा; इसके लिए मोबाइल ऐप और ऑनलाइन टिकट बुकिंग की आधुनिक सुविधा मिलेगी।
- इको-फ्रेंडली सफर: पूरी तरह वातानुकूलित (AC) और ध्वनि रहित होने के कारण यह यात्रा पूरी तरह प्रदूषण मुक्त और सुहानी होगी।
हरित और स्वच्छ भारत की दिशा में बड़ा कदम
समझौते के दौरान उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच के अनुरूप देश में लगातार ग्रीन मोबिलिटी (हरित परिवहन) को बढ़ावा दिया जा रहा है। यह प्रोजेक्ट न सिर्फ प्रदेश के शहरों को आधुनिक और स्मार्ट बनाएगा, बल्कि कार्बन उत्सर्जन को घटाकर पर्यावरण संरक्षण में भी मील का पत्थर साबित होगा।














