रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के युवाओं के रोजगार, पूर्व सैनिकों के सम्मान और जनजातीय अस्मिता को बढ़ावा देने की दिशा में कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में सिविल लाइंस स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक में कई दूरगामी नीतिगत फैसलों पर मुहर लगाई गई है।
कैबिनेट बैठक की समाप्ति के बाद सरकार द्वारा लिए गए जनकल्याणकारी निर्णयों की आधिकारिक घोषणा की गई, जो सीधे तौर पर युवाओं के भविष्य और सामाजिक सुधारों से जुड़े हैं।
पूर्व अग्निवीरों को सरकारी नौकरियों में 10% आरक्षण
देश सेवा कर लौटने वाले राज्य के पूर्व अग्निवीरों के सम्मान और पुनर्वास के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है。 साय कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा पूर्व अग्निवीर सैनिक भर्ती नियम-2026 को हरी झंडी दे दी है。 इसके तहत अब छत्तीसगढ़ पुलिस आरक्षक, वनरक्षक और जेल प्रहरी जैसी महत्वपूर्ण सरकारी भर्तियों में पूर्व अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत का श्रेणीवार आरक्षण सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे युवाओं को प्रदेश में ही रोजगार के उत्कृष्ट अवसर मिलेंगे。 इसके अलावा गृह विभाग में आरक्षक के 36 पदों पर विशेष भर्ती को भी मंजूरी दी गई है।
‘आदिम जाति विकास विभाग’ का बदला नाम
राज्य की विशाल आदिवासी आबादी को विशेष पहचान और सम्मान देने के लिए कैबिनेट ने एक बड़ा नीतिगत फैसला लिया है。 अब प्रदेश के ‘आदिम जाति विकास विभाग’ का नाम बदलकर आधिकारिक रूप से ‘जनजातीय कार्य विभाग’ कर दिया गया है。 इस नाम परिवर्तन का उद्देश्य विभाग के कामकाज को अधिक समावेशी और जनजातीय समाज की भावनाओं के अनुरूप बनाना है।
स्थानीय युवाओं को भर्ती में विशेष प्राथमिकता
अतिथि व्याख्याताओं (गेस्ट लेक्चरर) की भर्ती नीति में एक महत्वपूर्ण संशोधन को मंजूरी दी गई है。 इसके तहत यदि भर्ती प्रक्रिया के दौरान किन्हीं दो अभ्यर्थियों के अंक समान (बराबर) पाए जाते हैं, तो ऐसी स्थिति में छत्तीसगढ़ के मूल निवासी युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। इस फैसले से उच्च शिक्षा के क्षेत्र में स्थानीय युवाओं की भागीदारी और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी के ऐतिहासिक नेतृत्व का अभिनंदन
इस कैबिनेट बैठक में प्रशासनिक निर्णयों के अलावा एक विशेष राजनीतिक अभिनंदन प्रस्ताव भी पारित किया गया। छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद ने सामूहिक रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार के मुखिया (मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में मिलाकर) के तौर पर निरंतर 25 वर्ष का सफल कार्यकाल पूर्ण होने पर एक विशेष बधाई व अभिनंदन प्रस्ताव पारित किया और देश व दुनिया में भारत का मान बढ़ाने के लिए उनके नेतृत्व की सराहना की।













