सभी विभागों से मांगा पदों का हिसाब; स्वीकृत, भरे और रिक्त पदों की हुई समीक्षा, 2027 की भर्तियों का भी बनेगा रोडमैप
रायपुर। छत्तीसगढ़ में सरकारी विभागों में लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरने की प्रक्रिया को गति देने की कवायद तेज की गई है। मुख्य सचिव विकास शील ने गुरुवार को मंत्रालय (महानदी भवन) में सभी विभागों के सचिवों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर भर्ती प्रक्रिया की मौजूदा स्थिति का विस्तृत जायजा लिया। बैठक में विभागवार स्वीकृत पदों, भरे हुए पदों और रिक्त पदों की जानकारी लेकर आगे की भर्ती प्रक्रिया को तेज करने पर जोर दिया गया।
मुख्य सचिव ने साफ तौर पर भर्ती प्रक्रिया को केवल रिक्तियों की पहचान तक सीमित रखने के बजाय उसे समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने की जरूरत बताई। बैठक में भर्ती परीक्षाओं, पदों की मांग भेजने से लेकर वित्तीय स्वीकृति और नियुक्तियों तक पूरी प्रक्रिया की समीक्षा की गई।
रिक्त पदों से लेकर नियुक्तियों तक पूरा हिसाब मांगा
बैठक में छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल (व्यापम) के माध्यम से विभिन्न विभागों में चल रही भर्ती परीक्षाओं की प्रगति की जानकारी ली गई। इसके साथ ही विभागों की ओर से व्यापम को भेजे गए भर्ती प्रस्तावों और रिक्विजिशन यानी मांगपत्रों की भी समीक्षा की गई।
मुख्य सचिव ने यह भी पूछा कि किन विभागों में रिक्त पदों को भरने के लिए वित्त विभाग से स्वीकृति मिल चुकी है और किन प्रस्तावों पर अभी प्रक्रिया लंबित है। पहले से विज्ञापित पदों की स्थिति, अब तक हुई नियुक्तियों और शेष पदों पर भर्ती की प्रगति की जानकारी भी ली गई।
इस दौरान विभागों को भर्ती प्रक्रिया में अनावश्यक देरी से बचने और विभिन्न स्तरों पर लंबित मामलों को तेजी से आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।
2027 की भर्तियों की अभी से तैयारी
बैठक में केवल मौजूदा रिक्तियों पर ही चर्चा नहीं हुई, बल्कि आने वाले वर्ष 2027 में सामान्य प्रशासन विभाग के स्तर पर अधिसूचित किए जा सकने वाले पदों पर भी विस्तार से विचार किया गया।
इसका उद्देश्य आने वाले वर्षों में सरकारी भर्ती की जरूरतों का पहले से आकलन कर एक स्पष्ट कार्ययोजना तैयार करना है, ताकि विभागों में पद खाली होने के बाद भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के बजाय आवश्यक तैयारी पहले से की जा सके।
इसके साथ ही सभी विभागों के भर्ती नियमों को अद्यतन करने की स्थिति की भी समीक्षा की गई। जिन विभागों में भर्ती नियम पुराने हैं या उनमें बदलाव की आवश्यकता है, वहां नियमों को समय पर अपडेट करने पर जोर दिया गया।
भर्ती प्रक्रिया में तेजी और नियमों में सुधार पर फोकस
बैठक का मुख्य उद्देश्य सरकारी विभागों में भर्ती प्रक्रिया को तेज करना, लंबित प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाना और भविष्य की भर्तियों के लिए व्यवस्थित रोडमैप तैयार करना रहा।
सरकार के सामने चुनौती यह है कि एक ओर बड़ी संख्या में रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया को गति दी जाए, वहीं दूसरी ओर भर्ती नियमों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को भी समय के अनुरूप बनाया जाए। इसी को ध्यान में रखते हुए विभागों से पदों और भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी अद्यतन जानकारी लेने की कवायद की गई।
कई प्रमुख विभागों के सचिव रहे मौजूद
बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक सिंह, नगरीय प्रशासन विभाग की प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव शहला निगार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
इसके अलावा सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव अविनाश चंपावत, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव एवं खनिज संसाधन विभाग के सचिव पी. दयानंद, कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया और परिवहन विभाग के सचिव एस. प्रकाश सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी बैठक में शामिल हुए।
छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल के प्रतिनिधियों ने भी बैठक में भाग लिया।
अब नजर अमल पर
सरकार की इस कवायद से यह संकेत मिलता है कि आने वाले समय में विभागवार रिक्तियों और भर्ती प्रस्तावों को लेकर अधिक व्यवस्थित तरीके से काम किया जाएगा। हालांकि समीक्षा बैठक के बाद सबसे महत्वपूर्ण चुनौती अब इसे जमीन पर लागू करने की है।
सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं की नजर अब इस बात पर रहेगी कि समीक्षा के बाद कितने रिक्त पदों पर विज्ञापन जारी होते हैं और भर्ती प्रक्रिया कितनी तेजी से आगे बढ़ती है।














