वायरल रील पर धार्मिक भावनाएं आहत करने की शिकायत, सिविल लाइन पुलिस ने BNS की धाराओं में दर्ज किया अपराध; सभी पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई
बिलासपुर। सोशल मीडिया पर कुछ ही सेकंड में वायरल होने वाली रील अब कानूनी कार्रवाई की वजह बन गई है। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में गरबा कार्यक्रम के प्रचार के लिए बनाई गई एक रील में गरबा परिधान पहनी युवतियां सिगरेट पीते और पिस्टलनुमा वस्तु दिखाते नजर आईं। वीडियो वायरल होने के बाद धार्मिक-सांस्कृतिक परंपराओं के अपमान और युवाओं पर गलत प्रभाव पड़ने की शिकायत की गई। इसके बाद पुलिस ने पांच युवतियों और चार युवकों समेत नौ लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
गरबा पास और मेकअप के प्रचार के लिए बनाई थी रील
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, वीडियो इंस्टाग्राम और फेसबुक पर साझा किया गया था। इसका मकसद गरबा कार्यक्रम के पास और मेकअप सेवाओं का प्रचार करना था। रील में गरबा की वेशभूषा में युवतियां सिगरेट पीती और पिस्टल जैसी वस्तु हाथ में लेकर पोज देती दिखाई दीं। एक अन्य वीडियो में युवतियां सड़क किनारे खड़ी नजर आईं, जबकि कुछ युवक बाइक पर दिखाई दिए।
वीडियो के कैप्शन में ‘Tag Your Gundi Girls Gang’ जैसी पंक्ति का इस्तेमाल भी किया गया। प्रचार के इस अंदाज पर सोशल मीडिया में चर्चा शुरू हो गई।
हिंदू संगठनों ने एसपी कार्यालय में की शिकायत
रील सामने आने के बाद बजरंग दल के कार्यकर्ताओं और अन्य शिकायतकर्ताओं ने आपत्ति जताई। उनका कहना था कि गरबा धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ा आयोजन है। ऐसे कार्यक्रम के प्रचार में धूम्रपान और हथियारनुमा वस्तु का प्रदर्शन अनुचित है। शिकायतकर्ताओं ने इसे धार्मिक भावनाओं से जुड़ा मुद्दा बताते हुए कार्रवाई की मांग की।
सिविल लाइन पुलिस ने दर्ज किया अपराध
शिकायत और उपलब्ध वीडियो के आधार पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने अपराध क्रमांक 1390/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196, 299 और 3(5) में अपराध दर्ज किया। पुलिस ने नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू की। उनके खिलाफ अलग से प्रतिबंधात्मक कार्रवाई और बाउंड ओवर की प्रक्रिया भी शुरू किए जाने की जानकारी दी गई है।
वीडियो में दिखाई गई वस्तु को लेकर भी सवाल उठे हैं। कुछ रिपोर्टों में इसे खिलौना बताया गया है, लेकिन उपलब्ध जानकारी के आधार पर इसकी वास्तविक प्रकृति की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की जा सकती।
सोशल मीडिया पर प्रचार की होड़, जिम्मेदारी भी जरूरी
यह घटना सोशल मीडिया पर ध्यान खींचने और किसी आयोजन का प्रचार करने के लिए अपनाए जाने वाले तरीकों पर सवाल उठाती है। रचनात्मक प्रचार और धार्मिक-सांस्कृतिक प्रतीकों के इस्तेमाल के बीच संतुलन जरूरी है। वहीं, किसी सामग्री से कानून का उल्लंघन हुआ है या नहीं, इसका फैसला जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा।
पुलिस ने सोशल मीडिया का जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने और ऐसी सामग्री साझा करने से बचने की अपील की है, जिससे सामाजिक सौहार्द या कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका हो।














