न्यायिक संस्थान को मजबूत बनाने पर दिया जोर; कार्यकाल में 50,228 मामलों का निपटारा

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा का गुरुवार को कार्यकाल पूरा होने पर विदाई समारोह आयोजित किया गया। समारोह में उन्होंने कहा कि न्यायाधीश और उनके पद अस्थायी होते हैं, लेकिन न्यायिक संस्थाएं स्थायी होती हैं। इसलिए प्रत्येक जिम्मेदारी का उद्देश्य संस्था को पहले से थोड़ा अधिक मजबूत बनाकर आगे बढ़ाना होना चाहिए।

मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि चीफ जस्टिस की जिम्मेदारी केवल मामलों का निपटारा करने या अदालत का प्रशासन चलाने तक सीमित नहीं है। न्यायिक संस्थान को मजबूत करना, अधोसंरचना विकसित करना और न्यायाधीशों, अधिकारियों तथा कर्मचारियों के लिए गरिमापूर्ण कार्य वातावरण तैयार करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

“अदालत सिर्फ इमारत नहीं, लोगों की उम्मीद का स्थान”

अपने संबोधन में जस्टिस सिन्हा ने कहा कि अदालत केवल ईंट, पत्थर और कंक्रीट से बनी इमारत नहीं है। आम नागरिक न्याय और कानून के शासन में विश्वास लेकर अदालत पहुंचता है। इसलिए न्यायिक संस्थान की मजबूती सीधे जनता के विश्वास से जुड़ी है।

उन्होंने न्यायाधीशों, रजिस्ट्री अधिकारियों और कर्मचारियों के कल्याण तथा उनके वैध अधिकारों और सुविधाओं पर भी विशेष जोर दिया।

50,228 मामलों का निपटारा

महाधिवक्ता विवेक शर्मा ने जस्टिस रमेश सिन्हा के न्यायिक कार्यकाल का उल्लेख करते हुए बताया कि 29 मार्च 2023 से 1 सितंबर 2026 के बीच उन्होंने कुल 50,228 मामलों का निपटारा किया।

इनमें 32,600 मामले एकलपीठ और 17,628 मामले युगलपीठ के स्तर पर निपटाए गए।

जस्टिस संजय के. अग्रवाल ने की नेतृत्व की सराहना

न्यायमूर्ति संजय के. अग्रवाल ने मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा के न्यायिक अनुभव, नेतृत्व और प्रशासनिक योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ औपचारिक विदाई नहीं, बल्कि एक ऐसे न्यायविद के योगदान को सम्मान देने का अवसर है, जिनकी प्रतिबद्धता और नेतृत्व ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट को मजबूत किया।

जस्टिस सिन्हा ने बार और बेंच को न्याय व्यवस्था के दो अभिन्न अंग बताते हुए कहा कि मजबूत, स्वतंत्र और गरिमापूर्ण बार एक सशक्त न्यायपालिका के लिए आवश्यक है। उन्होंने अपने कार्यकाल में मिले सहयोग के लिए न्यायाधीशों, अधिवक्ताओं, रजिस्ट्री, कर्मचारियों, राज्य सरकार और जिला प्रशासन के प्रति आभार जताया।

समारोह में रजिस्ट्रार जनरल, रजिस्ट्री अधिकारी एवं कर्मचारी, छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी के निदेशक व अधिकारी, अधिवक्ता और न्यायिक जगत से जुड़े अन्य लोग मौजूद रहे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here