पीड़िता SI की पत्नी ने जांच पर उठाए सवाल, महिला IAS अधिकारी से जांच कराने की मांग
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के निलंबित IPS अधिकारी रतनलाल डांगी से जुड़े कथित यौन उत्पीड़न मामले में हाई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने राज्य के गृह सचिव समेत अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर मामले में जल्द जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। शिकायतकर्ता, जो एक सब-इंस्पेक्टर (SI) की पत्नी हैं, ने मौजूदा जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए इसे वरिष्ठ महिला IAS अधिकारी से कराने की मांग की है।
शिकायतकर्ता ने अधिवक्ता अभिषेक पांडे के माध्यम से हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका में जांच अधिकारियों को बदलने के साथ-साथ मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की गई है। इसके अलावा एक अन्य याचिका में डांगी की कथित अनुपातहीन संपत्ति की जांच और आरोप सही पाए जाने पर सेवा से बर्खास्तगी की मांग भी की गई है।
जांच अधिकारी की भूमिका पर उठे सवाल
सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता के वकील ने कोर्ट को बताया कि मामले की जांच कर रहे IPS अधिकारी आनंद छाबड़ा अक्टूबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच रतनलाल डांगी के समान IG पद पर रहे हैं। याचिका में यह भी कहा गया है कि छाबड़ा के खिलाफ ‘महादेव बेटिंग ऐप’ मामले से संबंधित आपराधिक प्रकरण दर्ज है। ऐसे में शिकायतकर्ता को उनसे निष्पक्ष जांच की उम्मीद नहीं है।
वकील ने आरोप लगाया कि जांच में शामिल IPS अधिकारियों का रवैया शिकायतकर्ता के प्रति पक्षपातपूर्ण रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि डांगी के निलंबन को करीब 90 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल नहीं की गई है।
पहले भी अधिकारियों से की थी शिकायत
याचिका के अनुसार, शिकायतकर्ता ने जांच अधिकारियों को हटाने की मांग को लेकर केंद्रीय गृह सचिव, राज्य के सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव और गृह विभाग के सचिव को भी आवेदन दिए थे। आरोप है कि इन शिकायतों पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्हें हाई कोर्ट का रुख करना पड़ा।
ऑनलाइन योग कक्षाओं से हुई थी पहचान
शिकायतकर्ता ने याचिका में बताया है कि वह योग सिखाती हैं। इसी दौरान तत्कालीन IG रतनलाल डांगी से उनका संपर्क हुआ। शुरुआत में ऑनलाइन योग कक्षाओं के दौरान सामान्य बातचीत होती थी, लेकिन कुछ महीनों बाद वीडियो कॉल के दौरान अधिकारी के कथित अनुचित व्यवहार से वह असहज हो गईं।
महिला का आरोप है कि विरोध करने पर उन्हें और उनके परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। उनके पुलिस विभाग में कार्यरत पति के खिलाफ कार्रवाई कराने की धमकी दिए जाने का भी आरोप लगाया गया है।
एक अधिकारी बराबर रैंक का, दूसरा जूनियर
शिकायतकर्ता के मुताबिक, उनकी शिकायत की जांच तत्कालीन IG आनंद छाबड़ा और तत्कालीन DIG मिलना कुर्रे को सौंपी गई थी। याचिका में कहा गया है कि इनमें एक अधिकारी आरोपी के बराबर रैंक पर रहा है, जबकि दूसरा अधिकारी उनसे जूनियर था। इसी आधार पर दोनों को जांच से हटाने और किसी वरिष्ठ महिला IAS अधिकारी से जांच कराने की मांग की गई है।
कोर्ट ने मामले को गंभीर माना
मंगलवार को सुनवाई के दौरान जस्टिस ए.के. प्रसाद ने मामले को गंभीर बताते हुए गृह सचिव और अन्य पक्षों को शीघ्र जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। मामले की अगली सुनवाई 31 अगस्त वाले सप्ताह में होगी।
कौन हैं रतनलाल डांगी
रतनलाल डांगी 2003 बैच के छत्तीसगढ़ कैडर के IPS अधिकारी हैं। वे बीजापुर, कांकेर, कोरबा और बिलासपुर के पुलिस अधीक्षक रह चुके हैं। इसके अलावा सरगुजा, दुर्ग और बिलासपुर रेंज के IG की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।
शिकायत सामने आने के बाद उन्हें IG पद से हटा दिया गया था। बाद में उन्हें चंदखुरी स्थित पुलिस प्रशिक्षण केंद्र का निदेशक बनाया गया और जांच के दौरान निलंबित कर दिया गया। निलंबन के बाद उनका मुख्यालय नया रायपुर स्थित PHQ तय किया गया है।














