कोलकाता के सोनारपुर में पथराव और हंगामे के बाद राहुल, केजरीवाल, खड़गे समेत कई नेताओं की तीखी प्रतिक्रिया

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले को लेकर देश की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी, आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और अन्य विपक्षी नेताओं ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे लोकतंत्र पर हमला बताया है।

शनिवार को कोलकाता के बाहरी इलाके सोनारपुर में अभिषेक बनर्जी एक टीएमसी कार्यकर्ता संजू कर्मकार के परिजनों से मिलने पहुंचे थे, जिसकी कथित तौर पर चुनाव बाद की हिंसा में मौत हुई थी। इसी दौरान उनके काफिले पर पत्थर, अंडे फेंके गए और कथित रूप से अभद्र नारेबाजी की गई। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि बनर्जी को क्रिकेट हेलमेट पहनकर सहयोगियों और पत्रकारों की मदद से वहां से निकलना पड़ा। बाद में भारी पुलिस बल की सुरक्षा में उन्हें क्षेत्र से बाहर ले जाया गया।

ममता ने कहा- “शासक ही बन गए हत्यारे”

घटना पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए टीएमसी प्रमुख और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया पर भाजपा को निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक विरोधियों को डराने और दबाने का प्रयास किया जा रहा है।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि एक प्रमुख विपक्षी नेता को पर्याप्त सुरक्षा न मिलना प्रतिशोध और उत्पीड़न की राजनीति को दर्शाता है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार दोनों से विपक्षी नेताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।

राहुल बोले- सांसद पर हमला लोकतंत्र पर हमला

राहुल गांधी ने कहा कि किसी सांसद पर हमला केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं बल्कि उन लाखों लोगों पर हमला है जिन्होंने उसे चुना है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद कभी भी हिंसा का औचित्य नहीं बन सकते। राहुल ने दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए अभिषेक बनर्जी के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

केजरीवाल और अखिलेश ने भी उठाए सवाल

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जहां-जहां भाजपा सत्ता में आती है, वहां डर और हिंसा की राजनीति को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने अभिषेक बनर्जी की सराहना करते हुए कहा कि हमले के बावजूद उन्होंने पीड़ित परिवार का साथ नहीं छोड़ा।

समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने घटना को गंभीर साजिश करार दिया। उनका कहना था कि पर्याप्त पुलिस सुरक्षा का अभाव कई सवाल खड़े करता है।

टीएमसी ने भाजपा सरकार को घेरा

टीएमसी ने आरोप लगाया कि राज्य में भाजपा के सत्ता में आने के कुछ ही सप्ताहों में कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक हो गई है। पार्टी ने दावा किया कि अभिषेक बनर्जी पर हमला सुनियोजित राजनीतिक हिंसा का हिस्सा था। टीएमसी ने यह भी कहा कि हमले के बावजूद बनर्जी पीड़ित परिवार से मिलने के अपने संकल्प से पीछे नहीं हटे।

भाजपा ने आरोपों से किया इनकार

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि स्वस्थ लोकतंत्र में ऐसी घटनाओं का कोई स्थान नहीं है। हालांकि उन्होंने भाजपा की किसी भी भूमिका से इनकार किया। उनका कहना था कि यह स्थानीय स्तर पर वर्षों से जमा आक्रोश का परिणाम हो सकता है।

भट्टाचार्य ने यह भी कहा कि अतीत में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं पर भी हमले हुए हैं, जिन्हें भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने पुलिस की अनुपस्थिति को प्रशासनिक मामला बताते हुए कहा कि इसकी जिम्मेदारी प्रशासन को तय करनी होगी।

विरोध और हिंसा की बहस फिर चर्चा में

इस बीच पश्चिम बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन का अधिकार सभी को है, लेकिन यदि विरोध भीड़ हिंसा में बदल जाए तो यह भविष्य में सभी के लिए खतरा बन सकता है।

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