संचालन, रखरखाव और विकास की जिम्मेदारी लेने के प्रस्ताव पर AAI ने कहा- MoU का मसौदा तैयार हो रहा; 20 अक्टूबर तक पब्लिक एमेनिटी बिल्डिंग का काम पूरा करने का भी निर्देश
बिलासपुर। बिलासपुर में हवाई सुविधाओं के विस्तार और एयरपोर्ट के विकास को लेकर हाईकोर्ट में चल रही जनहित याचिकाओं की सुनवाई के दौरान सोमवार को महत्वपूर्ण प्रगति सामने आई। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रवींद्र अग्रवाल की डिवीजन बेंच के समक्ष भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) ने राज्य सरकार के उस प्रस्ताव पर अपना जवाब पेश किया, जिसमें बिलासपुर एयरपोर्ट के संचालन, रखरखाव और विकास की जिम्मेदारी AAI को सौंपने की बात कही गई है।
AAI की ओर से अधिवक्ता अनूमेह श्रीवास्तव ने कोर्ट को बताया कि राज्य सरकार के प्रस्ताव पर सक्रियता से विचार किया जा रहा है। इसे अमल में लाने के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) तैयार करने की प्रक्रिया भी चल रही है। इस पर डिवीजन बेंच ने AAI को सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाते हुए मामले में बिना अनावश्यक देरी के निर्णय लेने के निर्देश दिए।
20 अक्टूबर तक पूरा होगा पब्लिक एमेनिटी बिल्डिंग का काम
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता प्रवीण दास ने एयरपोर्ट में चल रहे निर्माण कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पब्लिक एमेनिटी बिल्डिंग के निर्माण में हो रही देरी को मंत्रालय और जिला कलेक्टर ने गंभीरता से लिया है। हाईकोर्ट द्वारा निर्धारित नई समय-सीमा के अनुसार इसका काम 20 अक्टूबर तक पूरा कर लिया जाएगा।
उन्होंने यह भी बताया कि एयरपोर्ट की बाउंड्री वॉल और परिधीय सड़क के ब्लैकटॉपिंग कार्य के लिए टेंडर स्वीकृत हो चुके हैं। दोनों कार्यों के लिए वर्क ऑर्डर भी जारी कर दिए गए हैं।
बिलासपुर-जबलपुर-दिल्ली उड़ान बंद होने का मुद्दा उठा
याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आशीष श्रीवास्तव और सुदीप श्रीवास्तव ने बिलासपुर से उड़ानों की संख्या में कमी का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने विशेष रूप से बिलासपुर-जबलपुर-दिल्ली उड़ान सेवा के बंद होने की ओर कोर्ट का ध्यान आकर्षित किया।
इस पर राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि आगामी विंटर शेड्यूल, जो अक्टूबर से प्रभावी होगा, को लेकर आवश्यक स्तर पर विचार-विमर्श चल रहा है। सरकार का प्रयास है कि बिलासपुर से उड़ानों की संख्या बढ़ाई जाए और हवाई कनेक्टिविटी को बेहतर किया जाए।
याचिकाकर्ताओं ने यह सुझाव भी दिया कि बिलासपुर से संचालित होने वाले सभी संभावित हवाई मार्गों को केंद्र सरकार की ‘उड़ान’ योजना में शामिल करने के लिए प्रस्ताव भेजा जाना चाहिए।
चीफ जस्टिस को विशेष धन्यवाद
सुनवाई के अंत में याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आशीष श्रीवास्तव और सुदीप श्रीवास्तव ने चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मामले की लगातार सुनवाई के कारण एयरपोर्ट से जुड़े कार्यों में तेजी आई और बिलासपुर की हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई।
चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा 5 सितंबर को सेवानिवृत्त होने वाले हैं। इस मामले की अगली सुनवाई अब 29 सितंबर को होगी। अगली सुनवाई अलग डिवीजन बेंच के समक्ष होगी।














