सुरक्षा एजेंसी कर्मियों ने कानून हाथ में लिया, वीडियो वायरल होने के बाद जांच की मांग 

कोरबा। कोरबा मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर में बाइक चोरी के एक आरोपी युवक के साथ कथित रूप से अमानवीय व्यवहार का मामला सामने आया है। सुरक्षा एजेंसी के कर्मचारियों ने युवक को पुलिस के हवाले करने के बजाय उसे अंडरवियर में खंभे से बांधकर बेरहमी से पीटा। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसके बाद पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया है।

घटना सिविल लाइन थाना क्षेत्र की है। मेडिकल कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था निजी कंपनी कामथेन के जिम्मे है। जानकारी के अनुसार शुक्रवार रात ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा गार्ड राजेंद्र पटेल की मोटरसाइकिल अस्पताल परिसर से चोरी हो गई थी।

चोरी के शक में युवक को पकड़कर लाए

बताया गया कि रात करीब 11:45 बजे वाहन चालक उत्तम ने दो युवकों को मोटरसाइकिल ले जाते हुए देखा। सूचना मिलने पर सुरक्षा कर्मियों ने उनका पीछा किया। इस दौरान एक युवक भाग निकला, जबकि दूसरे युवक विशाल सागर को कोसाबाड़ी चौक के पास पकड़ लिया गया।

नियमों के अनुसार आरोपी को तुरंत नजदीकी सिविल लाइन थाने ले जाना चाहिए था, जो अस्पताल परिसर से महज कुछ दूरी पर स्थित है। लेकिन आरोप है कि सुरक्षा कर्मी उसे वापस अस्पताल परिसर ले आए।

खंभे से बांधकर की पिटाई

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुरक्षा एजेंसी के कर्मचारियों और वहां मौजूद बाउंसर्स ने युवक के कपड़े उतरवाकर उसे उसके ही शर्ट से बिजली के खंभे में बांध दिया। इसके बाद उसकी जमकर पिटाई की गई। वीडियो में युवक को माफी मांगते और छोड़ देने की गुहार लगाते हुए भी देखा-सुना जा सकता है, लेकिन किसी ने उसकी बात नहीं सुनी।

पुलिस पहुंची, फिर दर्ज हुआ चोरी का मामला

घटना की जानकारी मिलने पर अस्पताल चौकी और पुलिस पेट्रोलिंग टीम मौके पर पहुंची और युवक को अपने साथ थाने ले गई। अगले दिन बाइक मालिक राजेंद्र पटेल ने चोरी की शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने विशाल सागर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की।

पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपी ने कई चोरी की घटनाओं में संलिप्तता स्वीकार की है। हालांकि इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

घटना के बाद अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था भी सवालों के घेरे में आ गई है। लाखों रुपये खर्च कर बाउंसर्स और निजी सुरक्षा कर्मियों की तैनाती के बावजूद अस्पताल परिसर में चोरी और अव्यवस्था की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।

मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. के.के. साहरे ने कहा कि सुरक्षा एजेंसी को नियमों के तहत काम करना चाहिए। घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए एजेंसी को नोटिस जारी किया जाएगा।

वहीं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले ने कहा कि यदि आरोपी के साथ मारपीट की पुष्टि होती है तो मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।

यह घटना एक बार फिर इस सवाल को सामने लाती है कि अपराध का आरोप लगने मात्र से किसी व्यक्ति को सजा देने का अधिकार किसी निजी संस्था या व्यक्ति को नहीं है, क्योंकि कानून के तहत दोष तय करना और दंड देना केवल न्यायिक प्रक्रिया का विषय है।

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