तीन छात्रों की डूबने से मौत के बाद पंचायत और पुलिस ने संभाला मोर्चा, युवाओं को बनाया जाएगा ‘नदी मित्र’
जांजगीर। हसदेव नदी के देवरी-चिचौली पिकनिक स्थल पर लगातार हो रहे हादसों के बाद पंचायत और पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की पहल शुरू कर दी है। हाल ही में बिलासपुर के चाक्से कॉलेज के तीन छात्रों की नदी में डूबने से मौत के बाद क्षेत्र में बांस की अस्थायी बैरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2020 से 2026 तक देवरी-चिचौली क्षेत्र में डूबने से 22 लोगों की मौत हो चुकी है। वर्ष 2020 में दो, 2021 में तीन, 2022 में दो, 2023 में तीन, 2024 में पांच और 2025 में चार लोगों की जान गई। वर्ष 2026 में अब तक तीन मौतें दर्ज हुई हैं।
देवरी-चिचौली हसदेव नदी क्षेत्र आसपास के जिलों के लोगों के लिए लोकप्रिय पिकनिक स्थल है। छुट्टियों और अन्य अवसरों पर बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचते हैं। कई जगह नदी की गहराई और तेज बहाव का अंदाजा नहीं होने के कारण लोग जोखिम वाले क्षेत्रों में चले जाते हैं।
तीन छात्रों की मौत के बाद SDRF और पुलिस ने लगातार अभियान चलाकर शवों की तलाश की थी। इसके बाद पंचायत और पंतोरा पुलिस चौकी ने ग्रामीणों की मदद से संवेदनशील स्थानों पर बांस की बैरिकेडिंग कराई है। चेतावनी बोर्ड लगाकर लोगों को पानी में जाने से रोकने की कोशिश की जा रही है।
देवरी पिकनिक स्थल को फिलहाल बंद कर दिया गया है और प्रवेश पर रोक लगाई गई है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के अनुसार प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम नदी क्षेत्र का निरीक्षण करेगी। इसके बाद संवेदनशील हिस्सों को ‘नो-एंट्री जोन’ घोषित करने पर निर्णय लिया जाएगा। खतरनाक स्थानों पर स्थायी और मजबूत बैरिकेडिंग की भी योजना है।
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए स्थानीय युवाओं को ‘नदी मित्र’ के रूप में जोड़ने की तैयारी भी की जा रही है, ताकि वे नदी क्षेत्र में निगरानी और लोगों को जागरूक करने में सहयोग कर सकें।














