अधिकारियों-कर्मचारियों ने ली सत्यनिष्ठा की शपथ

बिलासपुर। दक्षिण पूर्वी कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) मुख्यालय में सोमवार को ‘निवारक सतर्कता, शिकायतों के प्रभावी निस्तारण एवं सतर्कता प्रशासन’ विषय पर एक संवादात्मक सत्र आयोजित किया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी), नई दिल्ली के सलाहकार राजीव वर्मा ने अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रभावी सतर्कता व्यवस्था तथा सुशासन के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया।

राजीव वर्मा ने कहा कि निवारक सतर्कता का उद्देश्य केवल अनियमितताओं की जांच करना या दंड देना नहीं है, बल्कि ऐसी पारदर्शी और जवाबदेह व्यवस्था विकसित करना है, जिससे अनियमितताओं की संभावना ही कम हो जाए। उन्होंने शिकायतों के निष्पक्ष एवं समयबद्ध निराकरण, जोखिम आधारित सतर्कता प्रणाली तथा सतर्कता प्रशासन की बेहतर कार्यप्रणालियों पर विस्तार से जानकारी दी।

कार्यक्रम में एसईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक हरीश दुहन, नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के मुख्य सतर्कता अधिकारी अजय कुमार जायसवाल, निदेशक (तकनीकी/संचालन) एन. फ्रैंकलिन जयकुमार, निदेशक (कार्मिक) बिरंची दास, निदेशक (वित्त)  सुनील कुमार, निदेशक (तकनीकी/योजना एवं परियोजना) रमेश चंद्र महापात्रा, मुख्य सतर्कता अधिकारी हिमांशु जैन, विभागाध्यक्ष तथा वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। एसईसीएल के सभी क्षेत्रों के अधिकारी एवं कर्मचारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े।

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और सरदार वल्लभ भाई पटेल को पुष्पांजलि अर्पित कर की गई।

इस अवसर पर अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक दुहन ने कहा कि पारदर्शिता, नैतिकता और जवाबदेही एसईसीएल की कार्य संस्कृति की आधारशिला हैं। उन्होंने कहा कि निवारक सतर्कता प्रभावी प्रशासन का महत्वपूर्ण स्तंभ है और इस प्रकार के संवाद संगठन में ईमानदारी तथा नैतिक मूल्यों की संस्कृति को और मजबूत बनाते हैं।

मुख्य सतर्कता अधिकारी हिमांशु जैन ने स्वागत भाषण में बताया कि डिजीकोल (DigiCoal) और अन्य ऑनलाइन प्रणालियों जैसे सूचना प्रौद्योगिकी आधारित प्लेटफॉर्म निर्णय प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और समयबद्ध बना रहे हैं। इससे संगठन में निवारक सतर्कता को भी मजबूती मिल रही है।

कार्यक्रम के दौरान दुहन ने अधिकारियों और कर्मचारियों को सत्यनिष्ठा की शपथ भी दिलाई।

सत्र के अंत में प्रश्नोत्तर कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने सतर्कता प्रशासन, शिकायतों के निस्तारण और अनुशासनात्मक प्रक्रियाओं से जुड़े सवाल पूछे। राजीव वर्मा ने व्यावहारिक उदाहरणों के साथ उनके उत्तर दिए।

इससे पहले राजीव वर्मा ने एसईसीएल अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक दुहन से शिष्टाचार भेंट की। इसके बाद उन्होंने विभागाध्यक्षों और सतर्कता विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी की, जिसमें सतर्कता तंत्र को और प्रभावी बनाने, पारदर्शिता बढ़ाने तथा संगठन की कार्यकुशलता में सुधार के उपायों पर चर्चा की गई।

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