सोशल मीडिया पर संबंध तोड़ने की अपील, मानसिक प्रताड़ना और कारोबार प्रभावित करने के आरोप; पुलिस ने शुरू की जांच

बिलासपुर। बिलासपुर जिले के कोटा स्थित सीएनआई (चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया) चर्च की नई समिति के सात पदाधिकारियों के खिलाफ एक ईसाई परिवार का सामाजिक बहिष्कार करने और मानसिक प्रताड़ना देने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने यह कार्रवाई न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (जेएमएफसी) के आदेश के बाद की है। प्रकरण की जांच शुरू कर दी गई है।

यह मामला कोटा थाना क्षेत्र के मिशन कंपाउंड स्थित सीएनआई चर्च से जुड़ा है। कोटा निवासी हरीश लाल ने शिकायत में आरोप लगाया कि नई चर्च समिति के गठन के बाद से पिछले दो वर्षों से उन्हें और उनके परिवार को चर्च की गतिविधियों से अलग रखा गया। इतना ही नहीं, सोशल मीडिया के माध्यम से समुदाय के लोगों से उनके परिवार से किसी भी प्रकार का सामाजिक संबंध नहीं रखने तथा उनके सुख-दुख में शामिल नहीं होने की अपील की गई।

पहले पुलिस से गुहार, फिर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया

हरीश लाल का कहना है कि उन्होंने सबसे पहले कोटा पुलिस से शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होने पर न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी दीप्ति बरवा की अदालत में आवेदन प्रस्तुत किया। मामले को गंभीर मानते हुए अदालत ने कोटा पुलिस को एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया।

अदालती आदेश के बाद 2 जुलाई को पुलिस ने पास्टर मनीष आर. मसीह, सौरभ पीटर्स, राजा सोलोमन दास, अनिल मसीह, थियोडोर पीटर्स, सुनीलेश पीटर्स और सुलेमान दास के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम तथा नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

क्रिसमस और ईस्टर के अपमान का लगाया आरोप

शिकायतकर्ता के अनुसार, 17 जनवरी को चर्च परिसर में आयोजित बैठक में उन पर क्रिसमस और ईस्टर जैसे धार्मिक पर्वों का अपमान करने का आरोप लगाया गया। इसके बाद उन्हें और उनके परिवार को बिना किसी वैधानिक अधिकार के “नॉट इन गुड स्टैंडिंग” घोषित कर समुदाय से बाहर कर दिया गया।

बिशप के निर्देश भी नहीं माने जाने का आरोप

हरीश लाल ने यह भी आरोप लगाया कि जब रायपुर स्थित डायोसिस ऑफ छत्तीसगढ़ के बिशप ने इस बहिष्कार को अवैध और असंवैधानिक बताते हुए स्पष्टीकरण जारी किया, तब भी आरोपियों ने उसका पालन नहीं किया। शिकायत के अनुसार, उन्होंने यह कहते हुए बिशप के निर्देशों को नकार दिया कि उनका निर्णय ही मान्य होगा।

पीड़ित का यह भी आरोप है कि मिशन कंपाउंड स्थित उनके कार गैराज के मुख्य द्वार पर ताला लगा दिया गया, जिससे उनके व्यवसाय पर भी प्रतिकूल असर पड़ा।

पुलिस कर रही विस्तृत जांच

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) मधुलिका सिंह ने बताया कि न्यायालय के निर्देश पर सात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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