अधिकारियों और कर्मचारियों ने पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प
बिलासपुर। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) के मुख्यालय में देशभक्ति और पर्यावरण संरक्षण का संदेश एक साथ दिखाई दिया। ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत 14 अगस्त को वसंत विहार कॉलोनी में भव्य तिरंगा रैली निकाली गई। वहीं, स्वतंत्रता दिवस की 80वीं वर्षगांठ के अवसर पर इंदिरा विहार कॉलोनी में 80 पौधे रोपकर हरित भविष्य का संकल्प लिया गया।
तिरंगे के साथ गूंजे देशभक्ति के नारे
वसंत विहार स्थित SECL DAV पब्लिक स्कूल से शुरू हुई तिरंगा रैली रवींद्र भवन तक पहुंची। इसमें बड़ी संख्या में अधिकारियों और कर्मचारियों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। हाथों में तिरंगा लिए प्रतिभागियों ने देशभक्ति के नारे लगाए और राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान, राष्ट्रीय एकता, अखंडता तथा नागरिक कर्तव्यों का संदेश दिया।
रैली को SECL के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक (CMD) हरीश दुहन, निदेशक (तकनीकी/संचालन) एन. फ्रैंकलिन जयकुमार, निदेशक (कार्मिक) बिरंची दास, मुख्य सतर्कता अधिकारी हिमांशु जैन और निदेशक (तकनीकी/योजना एवं परियोजना) रमेश चंद्र महापात्र ने झंडी दिखाकर रवाना किया। वरिष्ठ अधिकारी स्वयं भी रैली में शामिल हुए और प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया।
इस दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों ने ‘हर घर तिरंगा-हर दिल तिरंगा’ के संकल्प को दोहराते हुए राष्ट्र के प्रति सम्मान और समर्पण की भावना व्यक्त की।
80वीं वर्षगांठ पर 80 पौधे
स्वतंत्रता दिवस की 80वीं वर्षगांठ को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए SECL ने इंदिरा विहार कॉलोनी में 80 पौधों का रोपण किया। कार्यक्रम का उद्देश्य विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की प्रतिबद्धता को मजबूत करना रहा।
कार्यक्रम में SECL CMD हरीश दुहन, निदेशक एन. फ्रैंकलिन जयकुमार, बिरंची दास, डी. सुनील कुमार, रमेश चंद्र महापात्र, मुख्य सतर्कता अधिकारी हिमांशु जैन, श्रद्धा महिला मंडल की अध्यक्ष शशि दुहन, उपाध्यक्ष अनीता फ्रैंकलिन, इप्सिता दास, हसीना कुमार, विनिता जैन और शुभा महापात्र सहित विभागाध्यक्ष, अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए।
इस मौके पर CMD हरीश दुहन ने कहा कि 80 पौधों का रोपण केवल एक पौधरोपण कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, स्वस्थ और हरित पर्यावरण सुनिश्चित करने का संकल्प है। उन्होंने कहा कि SECL ऊर्जा सुरक्षा के साथ पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता और हरित पहलों को भी समान महत्व दे रही है।
उन्होंने बताया कि पुनर्वास, भूमि पुनर्स्थापन, पौधरोपण और खनन क्षेत्रों में इको-पार्क विकसित करने जैसी पहल के जरिए खनन के बाद की भूमि को पर्यावरणीय और सामाजिक उपयोग के लिए विकसित किया जा रहा है।
कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों और कर्मचारियों ने लगाए गए पौधों की देखभाल और संरक्षण की सामूहिक जिम्मेदारी निभाने की शपथ ली।














