80वें स्वतंत्रता दिवस पर मुख्यमंत्री ने 6,671 स्कूलों में बेटियों के लिए शौचालय, 500 करोड़ का AI मिशन और 24.50 लाख आवासों सहित कई योजनाओं की घोषणा की; कहा- विकसित छत्तीसगढ़ बनेगा विकसित भारत की मजबूत नींव
प्रमुख घोषणाएं एक नजर में
- ‘मेरी बेटी-मेरा अभिमान’ अभियान के तहत राज्य के 6,671 सरकारी स्कूलों में छात्राओं के लिए शौचालय बनाए जाएंगे।
- 500 करोड़ रुपये का छत्तीसगढ़ स्टेट AI मिशन लागू होगा। 100 AI डेटा लैब, पांच सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और 50 से अधिक AI आधारित सेवाएं विकसित की जाएंगी।
- राज्य में अब तक 24.50 लाख पक्के मकान स्वीकृत; रोजाना औसतन 1,600 मकानों का निर्माण।
- सिंचाई विस्तार के लिए 11 हजार करोड़ रुपये से अधिक स्वीकृत।
- निवेश प्रस्तावों से 8.23 लाख करोड़ रुपये का संभावित निवेश और करीब 1.74 लाख रोजगार के अवसर।
- पुलिस, वनरक्षक और जेल प्रहरी की सीधी भर्ती में चार साल की सेवा पूरी करने वाले छत्तीसगढ़ के अग्निवीरों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला।
- 3,946 शिक्षक एवं सहायक शिक्षक और 1,235 बिजली कंपनी पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी।
- चितरकोट को वैश्विक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने और वहां टेंट सिटी बनाने की योजना।
- ‘चित्रोत्पला फिल्म सिटी’ का निर्माण होगा, छत्तीसगढ़ी सिनेमा को मिलेगा बढ़ावा।
- संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की जयंती पर सार्वजनिक अवकाश और उनके नाम पर राज्य पुरस्कार की घोषणा।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित मुख्य समारोह में तिरंगा फहराते हुए राज्य के विकास का विस्तृत रोडमैप सामने रखा। उन्होंने कहा कि अब लक्ष्य केवल विकास नहीं, बल्कि ऐसा ‘विकसित छत्तीसगढ़’ बनाना है, जो ‘विकसित भारत’ के निर्माण में निर्णायक भूमिका निभाए।
मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों को नमन करते हुए कहा कि स्वतंत्रता दिवस देश के गौरवशाली इतिहास से प्रेरणा लेने और राष्ट्र निर्माण का संकल्प दोहराने का अवसर है। उन्होंने महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, डॉ. भीमराव आंबेडकर और वीर सावरकर सहित स्वतंत्रता आंदोलन के सेनानियों को याद किया। छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता और जनसंघर्ष के नायकों भगवान बिरसा मुंडा, शहीद वीर नारायण सिंह, वीर गुंडाधुर, गेंद सिंह, धुरवा राव, यादव राव, वेंकट राव, देबरी धुर और ऐतू महरा को भी श्रद्धांजलि दी।
बस्तर में खत्म हुआ डर का दौर, अब विकास की नई सुबह
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में नक्सलवाद के खिलाफ मिली सफलता राज्य के लिए ऐतिहासिक पड़ाव है। जिन इलाकों में कभी हिंसा और भय का माहौल था, वहां अब तिरंगा यात्राएं निकल रही हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर के पुनर्निर्माण का यह स्वर्णिम दौर है और सरकार का विशेष ध्यान वहां शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सड़क, बिजली और संचार व्यवस्था मजबूत करने पर है।
‘नियद नेल्लानार 2.0’ और ‘बस्तर मुन्ने अभियान’ के जरिए बस्तर संभाग के 39 लाख से अधिक लोगों तक 31 योजनाओं और 14 सामुदायिक सुविधाओं का शत-प्रतिशत लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। नक्सल हिंसा के कारण बंद हुए स्कूलों को फिर शुरू किया जा रहा है और 36 नए स्कूल स्वीकृत किए गए हैं। ओरछा और जगरगुंडा जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में एजुकेशन सिटी विकसित की जा रही है।
‘मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान’ के तहत 34 लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच हो चुकी है। लगभग 10 लाख परिवारों की आय बढ़ाने के लिए 4,824 करोड़ रुपये की आजीविका उन्नयन योजना तैयार की गई है। सुरक्षा कैंपों को भी जनसेवा और विकास के केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।
बस्तर में 461 सौर ऊर्जा से संचालित गांवों को ग्रिड बिजली से जोड़ने का काम चल रहा है। 234 अंदरूनी बसाहटों को मुख्य सड़कों से जोड़ने की प्रक्रिया जारी है। मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा के जरिए बस्तर और सरगुजा संभाग के 814 गांवों को सार्वजनिक परिवहन से जोड़ा जा रहा है।
किसान सरकार की प्राथमिकता, धान के साथ फसल विविधीकरण पर जोर
मुख्यमंत्री ने किसानों को राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए कहा कि उनकी समृद्धि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। किसानों से धान 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से, 21 क्विंटल प्रति एकड़ के हिसाब से खरीदा जा रहा है। कृषक उन्नति योजना की राशि होली से पहले एकमुश्त किसानों के खातों में भेजी गई।
धान के स्थान पर दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी और रागी जैसी फसलें लेने वाले किसानों को कृषक उन्नति योजना के तहत 15 हजार रुपये का फसल परिवर्तन अनुदान दिया जाएगा। सरकार ने वैश्विक परिस्थितियों के बीच खाद और बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने का भी दावा किया।
सहकारिता क्षेत्र में 2,028 प्राथमिक कृषि साख समितियों का डिजिटलीकरण पूरा हो चुका है। इनमें 1,988 समितियां कॉमन सर्विस सेंटर के रूप में भी सेवाएं दे रही हैं।
सिंचाई के लिए 11 हजार करोड़ से ज्यादा
राज्य में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए 11 हजार करोड़ रुपये से अधिक की मंजूरी दी गई है। सिकासार-कोड़ार नहर लिंक परियोजना के लिए 3,047 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। अटल सिंचाई योजना के तहत बंद पड़ी सिंचाई परियोजनाओं को पुनर्जीवित किया जा रहा है।
इंद्रावती नदी पर मातनार और देउरगांव बैराज लगभग 2,000 करोड़ रुपये की लागत से बनाए जाएंगे। इससे करीब 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलने की उम्मीद है। तेंदूपत्ता संग्राहकों को 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा पारिश्रमिक देने और चरण पादुका योजना फिर शुरू करने की जानकारी भी मुख्यमंत्री ने दी।
हर पात्र परिवार को पक्का मकान देने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मोदी की गारंटी’ के तहत हर पात्र परिवार को पक्का मकान देने का काम तेजी से चल रहा है। सरकार बनने के बाद पहली कैबिनेट बैठक में 18 लाख मकानों को मंजूरी दी गई थी। अब तक कुल 24.50 लाख मकान स्वीकृत हो चुके हैं। राज्य में प्रतिदिन औसतन 1,600 मकान बनाए जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना और मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना के माध्यम से 73 लाख परिवारों को मुफ्त खाद्यान्न मिल रहा है।
महिलाओं के खाते में पहुंचे 19,444 करोड़
मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना ने महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत किया है। योजना के तहत अब तक महिलाओं के बैंक खातों में 19,444 करोड़ रुपये पहुंचाए जा चुके हैं। राज्य में 13.85 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं।
प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से 56 हजार से अधिक विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह परिवारों तक मूलभूत सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान से 6,691 आदिवासी बहुल गांव लाभान्वित हो रहे हैं। वन अधिकार पट्टों के उत्तराधिकारियों के नाम नामांतरण की प्रक्रिया शुरू की गई है और पेसा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए टास्क फोर्स गठित की गई है।
युवाओं के लिए नौकरी से AI तक नए अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता के लिए कई सुधार किए गए हैं। तृतीय और चतुर्थ श्रेणी पदों की भर्ती के लिए छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन बोर्ड गठित किया गया है। नकल और अनुचित साधनों पर रोक लगाने के लिए कड़ा कानून भी बनाया गया है।
पुलिस में 7,000 युवाओं की भर्ती हो चुकी है। 3,946 शिक्षक एवं सहायक शिक्षक तथा बिजली कंपनियों में 1,235 पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए ‘सीजी असिस्टेंस फॉर कॉम्पिटिटिव एग्जाम योजना’ शुरू की जा रही है, जिसके तहत NEET, JEE, CLAT, रेलवे, SSC, बैंकिंग, PSC और UPSC जैसी परीक्षाओं की तैयारी में सहायता मिलेगी।
चार साल की सैन्य सेवा पूरी करने वाले राज्य के अग्निवीरों को पुलिस आरक्षक, वनरक्षक और जेल प्रहरी की सीधी भर्ती में 10 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला किया गया है।
500 करोड़ का AI मिशन, छह लाख छात्रों को प्रशिक्षण
भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए राज्य ने 500 करोड़ रुपये का छत्तीसगढ़ स्टेट AI मिशन मंजूर किया है। इसके तहत 100 AI डेटा लैब, पांच सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और 50 से अधिक AI आधारित सेवाएं विकसित की जाएंगी। छह लाख छात्रों और 1.5 लाख सरकारी कर्मचारियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए 100 करोड़ रुपये का फंड बनाया गया है। प्रधानमंत्री SETU योजना के तहत 30 ITI का उन्नयन किया जा रहा है। राज्य में फोरेंसिक यूनिवर्सिटी कैंपस, NIFT और NIELIT जैसे संस्थान स्थापित किए जा रहे हैं। गीदम, कुनकुरी, जांजगीर-चांपा, मनेंद्रगढ़ और कवर्धा में पांच नए मेडिकल कॉलेज इसी शैक्षणिक सत्र से शुरू किए जा रहे हैं।
निवेश प्रस्ताव 8.23 लाख करोड़, 1.74 लाख रोजगार की संभावना
नई औद्योगिक नीति के तहत पारंपरिक उद्योगों के साथ नए क्षेत्रों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। देश और विदेश में आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रमों के जरिए अब तक 8.23 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इनसे करीब 1.74 लाख रोजगार के अवसर बनने की संभावना है।
नवा रायपुर में राज्य की पहली गारमेंट यूनिट स्थापित हो रही है, जिससे 4,600 से अधिक युवाओं को रोजगार मिलने की उम्मीद है। मुंगेली में BEML का संयंत्र स्थापित होगा। 23 नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जा रहे हैं। राजनांदगांव में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर 2.0, नवा रायपुर में फर्नीचर क्लस्टर और जांजगीर-चांपा व राजनांदगांव में स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क विकसित होंगे। राज्य में देश का पहला AI स्पेशल इकोनॉमिक जोन भी विकसित किया जा रहा है।
बिजली, सड़क, रेल और इंटरनेट पर जोर
ऊर्जा क्षेत्र में उत्पादन, पारेषण और वितरण तीनों स्तरों पर दीर्घकालीन रणनीति बनाई गई है। एनर्जी समिट के जरिए 3.50 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना के तहत 12 लाख से अधिक उपभोक्ताओं का 910 करोड़ रुपये से अधिक का सरचार्ज माफ किया गया है।
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से 90 हजार से अधिक उपभोक्ता लाभान्वित हो रहे हैं। भारतमाला परियोजना, रायपुर-विशाखापत्तनम एक्सप्रेसवे, रायपुर-धनबाद आर्थिक गलियारा और रावघाट-जगदलपुर रेल नेटवर्क को राज्य के आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया गया।
पिछले ढाई वर्षों में दूरस्थ इलाकों में 829 मोबाइल टावर लगाए गए हैं। भारतनेट 3.0 के तहत 5,659 ग्राम पंचायतों को हाई-स्पीड इंटरनेट से जोड़ने का लक्ष्य है।
6,671 स्कूलों में बेटियों के लिए बनेंगे शौचालय
मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस पर ‘मेरी बेटी-मेरा अभिमान’ अभियान शुरू करने की घोषणा की। इसके तहत राज्य के 6,671 सरकारी स्कूलों में छात्राओं के लिए शौचालय बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह पहल बेटियों की गरिमा, स्वच्छता और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण से जुड़ी है।
इसके साथ ही ‘विकसित भारत-जी राम जी’ योजना के तहत राज्य के 6,524 गांवों में मुक्तिधाम और प्रतीक्षालय बनाए जाएंगे।
साइबर अपराध से निपटने के लिए नौ नए साइबर थाने
मुख्यमंत्री ने कहा कि मजबूत कानून-व्यवस्था सुशासन की पहली शर्त है। नए आपराधिक कानूनों को प्रभावी ढंग से लागू करने के साथ राज्य में साइबर अपराध से निपटने के लिए नौ नए साइबर पुलिस थाने स्थापित किए गए हैं। डायल-112 आपातकालीन सेवा को पूरे राज्य में लागू किया जा चुका है।
चित्रकोट और सिरपुर को नई पहचान
पर्यटन को रोजगार और संस्कृति से जोड़ते हुए मुख्यमंत्री ने बस्तर और सरगुजा में पर्यटन सुविधाओं के विस्तार की बात कही। चित्रकोट को वैश्विक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा और वहां टेंट सिटी बनाई जाएगी। सिरपुर को विश्व धरोहर स्थल की मान्यता के अनुरूप विकसित करने की योजना है।
पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई की कला विरासत को संरक्षित करने के लिए ‘डॉ. तीजन बाई लोक कला अलंकरण’ शुरू किया जाएगा। छत्तीसगढ़ी सिनेमा को बढ़ावा देने के लिए ‘चित्रोत्पला फिल्म सिटी’ बनाई जाएगी। संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की जयंती पर सार्वजनिक अवकाश और उनके नाम पर राज्य पुरस्कार की घोषणा भी की गई।
अरंग के रेवान में खुदाई के दौरान मिले करीब 2,750 वर्ष पुराने मानव बसाहट के प्रमाण को मुख्यमंत्री ने राज्य की प्राचीन ऐतिहासिक और सांस्कृतिक समृद्धि का महत्वपूर्ण साक्ष्य बताया।
खेल प्रतिभाओं को मिलेगा प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन के जरिए राज्य के खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने की योजना है। ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीतने वाली छत्तीसगढ़ की एथलीट ज्ञानेश्वरी यादव को DSP पद पर पदोन्नत करने और 30 लाख रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की गई। 156 उत्कृष्ट खिलाड़ियों के लिए सरकारी सेवा के अवसर भी खोले गए हैं। राज्य में अगले वर्ष फिर खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स आयोजित होंगे।
पर्यावरण संरक्षण भी विकास का हिस्सा
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता दी जा रही है। प्रधानमंत्री के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत राज्य में सात करोड़ से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं।
उन्होंने रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना के तहत 49 हजार से अधिक श्रद्धालुओं और मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत 10 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को तीर्थ यात्रा का लाभ मिलने की जानकारी दी।
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ का लक्ष्य किसी एक सरकार का नहीं, बल्कि सभी नागरिकों का साझा संकल्प है। उन्होंने ऋग्वेद के ‘संगच्छध्वं, संवदध्वं’ मंत्र का उल्लेख करते हुए प्रदेशवासियों से मिलकर आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ की भावना के साथ छत्तीसगढ़ विकसित भारत के निर्माण में अपनी मजबूत भूमिका निभाएगा।














