भिलाई में इंजीनियर के घर से 77 लाख कैश और 14 लाख के गहने बरामद
नई दिल्ली/जयपुर/रायपुर। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने रेलवे विभाग में बिल पास कराने और आधिकारिक कामों के बदले रिश्वत मांगने-लेने के आरोप में राजस्थान और छत्तीसगढ़ में तीन अलग-अलग मामलों में कुल 6 रेलवे अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। इन कार्रवाइयों के दौरान नकदी, दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और कीमती सामान बरामद हुए हैं। जांच एजेंसी ने बताया कि सभी मामलों में जांच जारी है।
सीबीआई के आधिकारिक एक्स हैंडल (@CBIHeadquarters) पर इन गिरफ्तारियों से जुड़ी प्रेस रिलीज साझा की गई हैं।
जयपुर में उत्तर पश्चिम रेलवे के तीन अधिकारी रंगे हाथों गिरफ्तार
13 अगस्त को सीबीआई ने जयपुर में उत्तर पश्चिम रेलवे (एनडब्ल्यूआर) के कार्यालय अधीक्षक, सहायक वित्तीय सलाहकार और वरिष्ठ अनुभाग अधिकारी को गिरफ्तार किया। साथ में नवी मुंबई स्थित एक निजी कंपनी के कर्मचारी को भी हिरासत में लिया गया।
आरोप है कि कार्यालय अधीक्षक निजी कंपनी से बिलों के अनुकूल प्रोसेसिंग और पासिंग के बदले अवैध रिश्वत की मांग कर रहे थे तथा अन्य लोक सेवकों और कंपनी के अधिकारियों से मिलीभगत कर रहे थे। ट्रैप ऑपरेशन में 1.46 लाख रुपये की रिश्वत बरामद हुई। जयपुर और दिल्ली में तलाशी के दौरान दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और करीब 9 लाख रुपये नकद जब्त किए गए।
बीकानेर में दो रेलवे कर्मचारी गिरफ्तार
उसी दिन बीकानेर में एनडब्ल्यूआर के वरिष्ठ अनुभाग अधिकारी और एक लेखा सहायक को कोलकाता स्थित निजी कंपनी के कर्मचारी के साथ गिरफ्तार किया गया। आरोप है कि वे कंपनी के काम से जुड़े बिलों के अनुकूल निपटान के बदले रिश्वत ले रहे थे। इस मामले में 1.20 लाख रुपये की रिश्वत बरामद हुई। बीकानेर और जयपुर में तलाशी के दौरान दस्तावेज और डिजिटल उपकरण जब्त किए गए।
भिलाई में सीनियर डीएमई गिरफ्तार, घर-दफ्तर से 77 लाख कैश और 14 लाख के गहने मिले
सबसे बड़ा मामला छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले (भिलाई) का है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (एसईसीआर) भिलाई में तैनात भारतीय रेलवे सेवा ऑफ मैकेनिकल इंजीनियर्स (आईआरएसएमई) कैडर के वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर (सीनियर डीएमई) अनमोल उके और उनके कथित बिचौलिए को 14 अगस्त को गिरफ्तार किया गया।
सीबीआई के अनुसार, आरोपी अधिकारी ने शिकायतकर्ता से लंबित बिल साफ कराने के लिए 2 लाख रुपये रिश्वत मांगी थी। बाद में 1 लाख रुपये पर सहमति बनी। 13 अगस्त को ट्रैप में बिचौलिए के जरिए 50 हजार रुपये की पहली किस्त लेते समय उन्हें पकड़ा गया। रायपुर और भिलाई स्थित आवासीय व कार्यालय परिसरों की तलाशी में करीब 77 लाख रुपये नकद और लगभग 14 लाख रुपये मूल्य के आभूषण बरामद हुए। अदालत ने दोनों को चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
ये तीनों मामले रेलवे में बिल प्रोसेसिंग और आधिकारिक कामों से जुड़े कथित भ्रष्टाचार को उजागर करते हैं। सीबीआई ने कहा है कि सभी मामलों में आगे की जांच जारी है।














