तीन दिन पहले रायगढ़ से लाया गया था ‘प्लेस ऑफ सेफ्टी’, मजिस्ट्रियल जांच की सिफारिश
बिलासपुर। बिलासपुर के सरकंडा स्थित बाल संप्रेक्षण गृह में एक बार फिर गंभीर घटना सामने आई है। यहां बनाए गए ‘प्लेस ऑफ सेफ्टी’ में दुष्कर्म के मामले में निरुद्ध 18 वर्षीय युवक ने मंगलवार सुबह आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलते ही सरकंडा पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।
बिलासपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज कुमार पटेल ने बताया कि मृतक रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ क्षेत्र के किरमिडांड का रहने वाला था। उसे 15 अगस्त को ही रायगढ़ से बिलासपुर के ‘प्लेस ऑफ सेफ्टी’ में स्थानांतरित किया गया था। घटना से करीब 10 दिन पहले ही उसने 18 वर्ष की आयु पूरी की थी।
बाथरूम में मिला शव
पुलिस के अनुसार युवक का शव परिसर के बाथरूम में मिला। प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। उसने गमछे की मदद से बाथरूम के दरवाजे के चौखट से फंदा लगाया था। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस के मुताबिक आत्महत्या के पीछे की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं है। आशंका है कि वह मामले में संभावित सजा को लेकर तनाव में था या किसी अन्य मानसिक दबाव से गुजर रहा था। हालांकि, मौत की सही वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विस्तृत जांच के बाद ही सामने आएगी।
परिजनों से रिहाई की कर रहा था मांग
बताया जा रहा है कि युवक घटना से पहले तनाव में था और अपने परिजनों से उसे बाल सुधार गृह से बाहर निकालने के लिए लगातार कह रहा था। पुलिस अब उसके संप्रेक्षण गृह में रहने के दौरान के व्यवहार, गतिविधियों और मानसिक स्थिति से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर रही है।
परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है। मामले में मजिस्ट्रियल जांच भी की जा रही है।
18 वर्ष की उम्र पूरी करने वालों के लिए ‘प्लेस ऑफ सेफ्टी’
बाल संरक्षण गृह के एक हिस्से को ‘प्लेस ऑफ सेफ्टी’ के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे किशोर, जो किसी मामले में निरुद्ध रहते हुए 18 वर्ष की आयु पूरी कर लेते हैं, उन्हें नियमानुसार दूसरे बाल संरक्षण गृहों से यहां स्थानांतरित किया जाता है। मृतक को भी इसी प्रक्रिया के तहत 15 अगस्त को रायगढ़ से बिलासपुर लाया गया था।
जुलाई में भी हुई थी गंभीर घटना
इस बाल संप्रेक्षण गृह में इससे पहले भी गंभीर घटना सामने आ चुकी है। 13 जुलाई को यहां से चार किशोर फरार हो गए थे। फरारी के दौरान उन्होंने वहां तैनात एक चौकीदार की हत्या कर दी थी। अब एक किशोर की आत्महत्या की घटना ने बाल संरक्षण गृह की सुरक्षा और वहां रह रहे किशोरों की निगरानी व्यवस्था को लेकर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।














