BJP ने लगाया भ्रामक पोस्ट के जरिए राजनीतिक माहौल बिगाड़ने का आरोप, वीडियो की जांच के लिए मामला धमतरी पुलिस को सौंपा
रायपुर। सोशल मीडिया पर भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर का एक वीडियो स्वतंत्रता दिवस के मौके का बताकर प्रसारित किए जाने के मामले में रायपुर के सिविल लाइन थाने में FIR दर्ज की गई है। पुलिस ने कांग्रेस की राष्ट्रीय सोशल मीडिया चेयरपर्सन सुप्रिया श्रीनेत, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर नेहा सिंह राठौर और ‘Gen Z of India’ नाम के ‘X’ अकाउंट के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
पुलिस के अनुसार भाजपा प्रवक्ता उज्ज्वल दीपक की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 336(4), 353(2) और 196 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। मामले की आगे की जांच के लिए इसे धमतरी पुलिस को भेज दिया गया है।
मार्च के वीडियो को 15 अगस्त का बताने का आरोप
विवाद एक वीडियो को लेकर शुरू हुआ, जिसमें अजय चंद्राकर भाजपा का झंडा फहराते नजर आ रहे हैं। पहले कुछ न्यूज पोर्टल और सोशल मीडिया पर इस वीडियो को इस दावे के साथ साझा किया गया कि 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान भाजपा नेताओं ने राष्ट्रीय ध्वज के बजाय पार्टी का झंडा फहराया।
आरोप है कि सुप्रिया श्रीनेत और नेहा सिंह राठौर ने भी वीडियो को अपने सोशल मीडिया अकाउंट से साझा करते हुए भाजपा पर राष्ट्रीय ध्वज के अपमान का आरोप लगाया।
भाजपा प्रवक्ता उज्ज्वल दीपक ने अपनी शिकायत में कहा कि पुराने वीडियो को भ्रामक कैप्शन के साथ स्वतंत्रता दिवस से जोड़ना लोगों को भ्रमित करने और सामाजिक एवं राजनीतिक तनाव पैदा करने का प्रयास है।
22 मार्च का बताया गया वीडियो
भाजपा की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक वायरल वीडियो 15 अगस्त का नहीं, बल्कि 22 मार्च को कुरुद में आयोजित भाजपा के प्रशिक्षण शिविर का है। प्रशिक्षण शिविर में पार्टी का झंडा फहराया गया था और इसी दौरान यह वीडियो बनाया गया था।
अजय चंद्राकर ने भी आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने फेसबुक पर एक वीडियो पोस्ट कर इस मामले की तुलना पीत-पत्रकारिता से की। उनका कहना है कि स्वतंत्रता दिवस पर उन्होंने धमतरी के एकलव्य खेल मैदान में आयोजित सरकारी समारोह में प्रशासनिक प्रोटोकॉल के अनुसार राष्ट्रीय ध्वज फहराया था।
पुलिस अब वायरल वीडियो के मूल स्रोत, उसे पोस्ट करने वाले अकाउंट और बाद में उसे साझा करने वाले सोशल मीडिया हैंडल की डिजिटल गतिविधियों की जांच कर रही है। पुलिस यह भी देख रही है कि वीडियो किस संदर्भ में बनाया गया था और उसके साथ प्रसारित किए गए दावों की वास्तविकता क्या है।














