कांग्रेस और भाजपा के नेता आए एक मंच पर, जय स्तंभ चौक पर धरना; एसडीओपी और लाठीचार्ज में शामिल पुलिसकर्मियों को निलंबित करने की मांग
बलौदाबाजार-भाटापारा। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के सिमगा में गणेश विसर्जन झांकी के दौरान कथित लाठीचार्ज को लेकर विवाद बढ़ गया है। शनिवार रात हुई घटना के विरोध में रविवार को सिमगा बंद का आह्वान किया गया। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों ने जय स्तंभ चौक पर धरना दिया। प्रदर्शनकारियों ने नेशनल हाईवे-130 पर चक्काजाम कर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई।
बढ़ते विरोध के बीच पुलिस अधीक्षक गौरव राय ने सिमगा थाना प्रभारी धीरेंद्र दुबे को लाइन अटैच कर दिया है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जांच के निष्कर्ष के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गणेश विसर्जन झांकी के दौरान पुलिस और लोगों के बीच तनाव
जानकारी के अनुसार, शनिवार रात सिमगा में गणेश विसर्जन के लिए झांकी निकाली जा रही थी। इसी दौरान पुलिस और झांकी में शामिल लोगों के बीच तनाव की स्थिति बन गई। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने पुलिस पर लाठीचार्ज करने का आरोप लगाया है।
घटना के बाद से ही सिमगा में नाराजगी बढ़ने लगी। विभिन्न संगठनों और राजनीतिक दलों ने कथित लाठीचार्ज के विरोध में कार्रवाई की मांग उठाई। हालांकि, विवाद की शुरुआत कैसे हुई और पुलिस की ओर से लाठीचार्ज किन परिस्थितियों में किया गया, इसकी विस्तृत जानकारी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
कांग्रेस-भाजपा के नेता एक मंच पर, जय स्तंभ चौक पर धरना
घटना के विरोध में रविवार सुबह से ही सिमगा के जय स्तंभ चौक पर प्रदर्शन शुरू हो गया। कांग्रेस, भाजपा और अन्य राजनीतिक दलों के नेता तथा जनप्रतिनिधि स्थानीय नागरिकों के साथ धरने पर बैठ गए।
इस प्रदर्शन की खास बात यह रही कि राजनीतिक मतभेदों को दरकिनार करते हुए कांग्रेस और भाजपा के नेता एक साथ नजर आए। हिंदू संगठनों और व्यापारी संघ ने भी घटना के विरोध में आवाज उठाई।
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कथित लाठीचार्ज के लिए जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की। धरने पर बैठे लोगों ने कहा कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
सिमगा बंद से बाजारों में कारोबार प्रभावित, हाईवे पर चक्काजाम
विरोध प्रदर्शन के तहत रविवार को सिमगा बंद का आह्वान किया गया। सुबह से ही शहर की दुकानें, बाजार और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे। बंद के कारण सामान्य कारोबारी गतिविधियां प्रभावित हुईं।
प्रदर्शनकारियों ने नेशनल हाईवे-130 पर चक्काजाम भी किया। इससे सड़क पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
जय स्तंभ चौक पर धरना और सड़क पर विरोध प्रदर्शन के बीच पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी गई।
एसपी गौरव राय ने थाना प्रभारी को किया लाइन अटैच
लगातार बढ़ते विरोध और कार्रवाई की मांग के बीच पुलिस अधीक्षक गौरव राय ने सिमगा थाना प्रभारी धीरेंद्र दुबे को लाइन अटैच कर दिया।
इस कार्रवाई के बाद भी प्रदर्शनकारियों की नाराजगी बनी हुई है। उनका कहना है कि केवल थाना प्रभारी को लाइन अटैच करना पर्याप्त नहीं है। घटना में शामिल अन्य अधिकारियों और पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जानी चाहिए।
SDOP और अन्य पुलिसकर्मियों को निलंबित करने की मांग
धरने पर बैठे जनप्रतिनिधियों और प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के सामने कई मांगें रखी हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
-
- घटना के लिए जिम्मेदार एसडीओपी और थाना प्रभारी को तत्काल निलंबित किया जाए।
- लाठीचार्ज में शामिल अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए।
- पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
- जांच में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक धरना जारी रहेगा।
पुलिस-प्रशासन के अधिकारी मौके पर, जांच के नतीजों पर नजर
सिमगा में विरोध प्रदर्शन और बंद के बीच पुलिस तथा प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। मौके पर पुलिस बल की तैनाती की गई है।
फिलहाल थाना प्रभारी धीरेंद्र दुबे को लाइन अटैच किया गया है। लाठीचार्ज की परिस्थितियों और अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना की जिम्मेदारी और आगे की कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।














