सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं को आयोग ने बताया भ्रामक, न्यूनतम अर्हकारी अंक नहीं मिलने से घटा अभ्यर्थियों का आंकड़ा

रायपुर, 5 सितंबर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) ने राज्य सेवा मुख्य परीक्षा-2025 में इंटरव्यू के लिए अपेक्षित संख्या से कम अभ्यर्थियों के चयन को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं पर स्थिति स्पष्ट की है। आयोग ने कहा है कि 795 अभ्यर्थियों के बजाय 608 अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाना किसी तकनीकी या मूल्यांकन संबंधी त्रुटि का परिणाम नहीं है। निर्धारित न्यूनतम अर्हकारी अंक हासिल नहीं कर पाने के कारण चयनित अभ्यर्थियों की संख्या कम हुई है।

आयोग के अनुसार, राज्य सेवा परीक्षा-2025 के विज्ञापन की कंडिका 3(iv) और आयोग की प्रक्रिया संबंधी नियमावली की कंडिका 7 में प्रत्येक प्रश्नपत्र में न्यूनतम अंक हासिल करना अनिवार्य है। अनारक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए प्रत्येक प्रश्नपत्र में कम से कम 33 प्रतिशत अंक, जबकि आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 23 प्रतिशत अंक प्राप्त करना जरूरी है।

आयोग ने बताया कि इंटरव्यू के लिए अभ्यर्थियों की संख्या निर्धारित लक्ष्य से कम हो सकती है, यदि पर्याप्त संख्या में उम्मीदवार निर्धारित न्यूनतम अंक हासिल नहीं कर पाते। राज्य सेवा मुख्य परीक्षा-2025 में भी यही स्थिति बनी। इसी वजह से 795 की अनुमानित संख्या के मुकाबले 608 अभ्यर्थी ही इंटरव्यू के लिए शॉर्टलिस्ट हो सके।

पुनर्मूल्यांकन और पुनर्गणना का प्रावधान नहीं

सीजीपीएससी ने यह भी स्पष्ट किया है कि परीक्षा परिणाम को लेकर पुनर्मूल्यांकन या अंकों की पुनर्गणना की मांग स्वीकार करने का कोई प्रावधान नहीं है। विज्ञापन की कंडिका 11(V) के अनुसार आयोग द्वारा आयोजित परीक्षाओं में किसी भी प्रश्नपत्र का पुनर्मूल्यांकन अथवा पुनर्गणना नहीं की जा सकती।

इसलिए किसी प्रश्नपत्र के अंकों की दोबारा जांच या पुनर्गणना किए जाने की संभावना नहीं है।

वेबसाइट पर जारी होगी मेरिट लिस्ट और कटऑफ

आयोग ने कहा कि अंतिम चयन परिणाम घोषित होने के बाद प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर मेरिट सूची तथा मुख्य परीक्षा की कटऑफ आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाएगी।

इसके अलावा अभ्यर्थी सूचना का अधिकार अधिनियम (RTI) के तहत अपनी प्रारंभिक परीक्षा की OMR उत्तरशीट और मुख्य परीक्षा की प्रश्न-सह-उत्तर पुस्तिका की प्रतियां प्राप्त कर सकते हैं। इससे अभ्यर्थी अपने प्रदर्शन से संबंधित जानकारी हासिल कर सकेंगे।

प्रश्नवार और पूरी तरह गुमनाम तरीके से मूल्यांकन

आयोग ने मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की है। उसके मुताबिक लिखित परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन विषय विशेषज्ञों द्वारा पूरी सावधानी और निष्पक्षता के साथ किया जाता है। राज्य सेवा मुख्य परीक्षा में प्रश्नवार मूल्यांकन की व्यवस्था अपनाई जाती है और पूरी प्रक्रिया गुमनाम रहती है।

मूल्यांकन करने वाले किसी व्यक्ति को यह जानकारी नहीं होती कि उसके सामने आई उत्तरपुस्तिका किस अभ्यर्थी की है। प्रत्येक अभ्यर्थी की उत्तरपुस्तिका के मूल्यांकन में बड़ी संख्या में विषय विशेषज्ञ शामिल होते हैं। आयोग के अनुसार, निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं के माध्यम से मूल्यांकन की गोपनीयता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता सुनिश्चित की जाती है।

सोशल मीडिया की अफवाहों से बचने की अपील

आयोग ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर प्रसारित अपुष्ट अथवा भ्रामक सूचनाओं से प्रभावित न हों। आयोग का कहना है कि राज्य सेवा मुख्य परीक्षा-2025 के इंटरव्यू के लिए शॉर्टलिस्टिंग की प्रक्रिया निर्धारित नियमों और दिशा-निर्देशों के अनुरूप की गई है।

आयोग के इस स्पष्टीकरण के बाद 795 के बजाय 608 अभ्यर्थियों के इंटरव्यू के लिए चयन को लेकर उठ रहे सवालों का आधार मुख्य रूप से निर्धारित न्यूनतम अर्हकारी अंक से जुड़ा हुआ स्पष्ट हो गया है।

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