दस्तावेज और पहचान की जांच करने बंगाल पहुंची पुलिस की विशेष टीम

संदिग्ध गतिविधियों की सूचना के लिए टोल-फ्री नंबर 1800-233-1905 जारी

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ सरकार के निर्देश पर बिलासपुर पुलिस ने अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों, बांग्लादेशी घुसपैठियों और बिना वैध दस्तावेजों के निवास कर रहे संदिग्ध लोगों की पहचान और जांच के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। अभियान के तहत जिलेभर में पुलिस की जांच और कार्रवाई तेज कर दी गई है।

बिलासपुर के डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (IUCAW) रश्मिता कौर चावला के नेतृत्व में सात निरीक्षकों की विशेष टास्क फोर्स (STF) गठित की है। टीम को संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान, दस्तावेजों की जांच और उनके मूल स्थान की पुष्टि करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस ने पाया है कि इन सबके पते गलत निकले हैं।

लगातार छापेमारी और दस्तावेजों की जांच

विशेष टास्क फोर्स ने जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में लगातार छापेमारी और पूछताछ कर संदिग्ध लोगों के बारे में जानकारी जुटाई। जांच के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे लोग सामने आए, जिनकी पहचान और मूल निवास से संबंधित दस्तावेजों की सत्यता की पुष्टि आवश्यक थी।

पुलिस ने संबंधित जिलों के अधिकारियों से संपर्क कर दस्तावेजों का सत्यापन शुरू किया। इसी क्रम में विशेष टीम पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद और जंगीपुर क्षेत्रों तक पहुंची। वहां स्थानीय पुलिस अधिकारियों और थाना प्रभारियों से मुलाकात कर बिलासपुर में रह रहे संदिग्ध व्यक्तियों से संबंधित दस्तावेज और महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई।

स्थानीय पुलिस से प्राप्त जानकारी के आधार पर भारत में बांग्लादेशी नागरिकों के प्रवेश और संबंधित क्षेत्रों में उनकी गतिविधियों को लेकर भी अहम तथ्य जुटाए गए हैं। पुलिस अब इन सूचनाओं और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।

सिरगिट्टी क्षेत्र के 23 संदिग्ध रायपुर भेजे गए

प्रारंभिक जांच और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर सिरगिट्टी थाना क्षेत्र में रह रहे 23 संदिग्ध व्यक्तियों को 4 सितंबर 2026 को रायपुर स्थित होल्डिंग/डिटेंशन सेंटर भेजा गया। इन लोगों की पहचान और दस्तावेजों का विस्तृत सत्यापन अभी जारी है। फिलहाल सभी के पते गलत पाए गए।

पुलिस के अनुसार, सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित मामलों में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

संदिग्ध लोगों की जानकारी देने के लिए टोल-फ्री नंबर

बिलासपुर पुलिस ने आम लोगों से भी इस अभियान में सहयोग करने की अपील की है। इसके लिए 1800-233-1905 टोल-फ्री नंबर जारी किया गया है।

पुलिस ने कहा है कि यदि किसी व्यक्ति की पहचान, निवास या दस्तावेज संदिग्ध लगते हैं अथवा किसी क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियां नजर आती हैं, तो इसकी सूचना इस नंबर पर दी जा सकती है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे कानून हाथ में लेने के बजाय ऐसी जानकारी सीधे पुलिस तक पहुंचाएं।

पहले भी हो चुकी है कार्रवाई

बिलासपुर पुलिस के रिकॉर्ड के अनुसार, अभियान शुरू होने से पहले भी संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है।

पुलिस के मुताबिक, मोहम्मद हुसैन उर्फ सुब्रती शर्मा/सागर के बांग्लादेशी नागरिक होने और बिलासपुर के तोरवा थाना क्षेत्र में अवैध रूप से रहने की पहचान होने के बाद उसके खिलाफ बांग्लादेश प्रत्यर्पण की प्रक्रिया 12 जुलाई 2025 को शुरू की गई थी। उसका मूल निवास शाहपुर, अरापाड़ा, नौवापाड़ा, कोतवाली थाना क्षेत्र, जशोर जिला, बांग्लादेश बताया गया है।

इसी तरह तोरवा थाना अपराध क्रमांक 122/2025, दिनांक 17 मार्च 2025 में नाबालिग बांग्लादेशी युवती के अपहरण के मामले में आरोपी हृदय कुमार शर्मा को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया था। अदालत के निर्णय के बाद उसे भी बांग्लादेश प्रत्यर्पण की प्रक्रिया पूरी होने तक रायपुर के होल्डिंग/डिटेंशन सेंटर भेजा गया है।

आगे भी जारी रहेगा अभियान

बिलासपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अवैध घुसपैठ, बिना वैध दस्तावेजों के निवास और संदिग्ध गतिविधियों के खिलाफ जांच अभियान आगे भी जारी रहेगा। पुलिस का फोकस संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान के साथ-साथ उनके दस्तावेजों और मूल निवास की आधिकारिक पुष्टि पर है।

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