सुबह की सीधी उड़ान में था बेहतर प्रतिसाद, अप्रैल में समय और रूट बदलने के बाद यात्रियों की संख्या आधी से भी कम हुई

बिलासपुर। बिलासपुर से कोलकाता के बीच संचालित विमान सेवा आज के बाद बंद किए जाने के फैसले को लेकर हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने कड़ा विरोध जताया है। समिति ने राज्य के विमानन विभाग के अधिकारियों पर बिलासपुर की हवाई कनेक्टिविटी कमजोर करने की साजिश का आरोप लगाया है। समिति ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री अरुण साव और केंद्रीय मंत्री तोखन साहू से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

समिति के अनुसार दिसंबर 2025 से मार्च 2026 के बीच बिलासपुर-कोलकाता मार्ग पर 33 उड़ानों से 1,335 यात्रियों ने यात्रा की। यह सेवा सुबह सीधे संचालित होती थी और यात्रियों का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा था।

अप्रैल 2026 में राज्य सरकार के प्रस्ताव के बाद उड़ान का समय सुबह से दोपहर कर दिया गया और इसे अंबिकापुर होकर संचालित किया गया। इससे सीधी उड़ान की जगह करीब चार घंटे की यात्रा हो गई। समिति का कहना है कि इसके बाद यात्रियों की संख्या में तेजी से गिरावट आई।

अप्रैल से अगस्त 2026 के चार महीनों में 33 उड़ानों से केवल 571 यात्रियों ने कोलकाता की यात्रा की। यानी मार्च तक के 1,335 यात्रियों की तुलना में 764 यात्रियों की कमी आई। समिति का दावा है कि कम यात्री संख्या को आधार बनाकर अब राज्य विमानन निदेशालय ने एलायंस एयर को सेवा बंद करने का निर्देश दिया है।

समिति ने कहा कि बिलासपुर-भोपाल और बिलासपुर-इंदौर उड़ानें भी पहले बंद की जा चुकी हैं, जबकि बिलासपुर-जबलपुर सेवा पूरी तरह बंद हो चुकी है। वहीं अधिक मांग के बावजूद बिलासपुर-प्रयागराज उड़ान सप्ताह में केवल एक दिन रह गई है।

समिति ने कहा कि वह कोलकाता सेवा बंद करने के फैसले का विरोध करेगी और क्षेत्र के सभी जनप्रतिनिधियों से संपर्क करेगी। उसकी मांग है कि बिलासपुर से देश के चारों दिशाओं में कम से कम एक प्रमुख महानगर के लिए सीधी हवाई सेवा उपलब्ध हो तथा बिलासपुर-कोलकाता उड़ान को फिर से सुबह के समय सीधे संचालित किया जाए।

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